'ये जो फोटो-वोटो लाए हैं...', हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करते वक्त SPG को पीएम मोदी ने क्या दिया आदेश?
आशुतोष प्रताप सिंह July 18, 2026 07:12 AM

पीएम मोदी ने कहा, "आप सभी जो ये तस्वीरें और स्केच लेकर आए हैं, एसपीजी के साथी इन्हें कृपया एकत्र कर लें. आपके इस प्यार, स्नेह और कला के प्रति समर्पण के लिए मैं दिल से आपका धन्यवाद करता हूं. आप सभी को मेरा राम-राम. इस पवित्र धरती पर आकर मेरा मन गदगद हो गया है. जींद वीरता, इतिहास और गौरव की भूमि है. यहां आते ही पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं. दशकों पहले जब मैं संगठन के काम से यहां आता था, तब आप लोगों ने जो स्नेह और अपनापन दिया था, उसे मैं आज भी नहीं भूला हूं."

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के केवल तीन-चार देशों के पास ही हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीक है और अब भारत भी इस सूची में शामिल हो गया है. उन्होंने बताया कि यह दुनिया की सबसे शक्तिशाली और 10 कोच वाली सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह प्रदूषण रहित है और इसकी पूरी तकनीक भारतीय इंजीनियरों ने विकसित की है. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की रेलवे स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित होगी और हाइड्रोजन ट्रेन उसी दिशा में भारत का बड़ा कदम है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले यदि पश्चिम एशिया जैसी परिस्थितियां बनतीं तो डीजल पर निर्भर रेलवे को बड़ी परेशानी होती. उन्होंने बताया कि 1925 से 2014 तक करीब 90 वर्षों में केवल 30 प्रतिशत रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण हुआ था, जबकि पिछले वर्षों में इस काम को तेज गति से आगे बढ़ाया गया है.

उन्होंने कहा कि भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का भी लक्ष्य है. इसके लिए खिलाड़ियों और देश दोनों को पूरी तैयारी करनी होगी.

प्रधानमंत्री ने लोगों से स्वच्छता को अपनी आदत बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि क्या हर बार सफाई के लिए सरकार को आना पड़ेगा या लोग इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे. उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोगों की स्वच्छता अभियान में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा रही है.

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन राष्ट्र को समर्पित होना ऐतिहासिक उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री के उस संकल्प का परिणाम है, जिसके तहत देश में हाइड्रोजन तकनीक विकसित करने का फैसला लिया गया था. उन्होंने बताया कि पहले हरियाणा को रेलवे के लिए करीब 315 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जबकि अब इसे बढ़ाकर लगभग 3,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है. राज्य में इस समय करीब 18 हजार करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का उत्सव है. उन्होंने कहा कि जींद की धरती से विकास यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत केवल सपने नहीं देख रहा, बल्कि उन्हें साकार भी कर रहा है.

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