E20 Compatible Car: देशभर में धीरे-धीरे E20 पेट्रोल का इस्तेमाल बढ़ रहा है. यह पेट्रोल 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का ब्लेंडेड होता है. वैसे तो E20 पेट्रोल के बारे आए दिन आप कुछ न कुछ सुनते रहे होंगे, जैसे पुरानी गाड़ियों में E20 के इस्तेमाल से इंजन में समस्या आने लगी है. इसको लेकर सोशल मीडिया पर कुछ महीनों से काफी गर्मागर्म बहस छिड़ी है.
हालांकि, सरकार का मानना है कि E20 से गाड़ी की माइलेज, पावर, टॉर्क पर कोई असर नहीं पड़ता है. हालांकि, सोशल मीडिया पर कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें लोगों ने दावा किया है कि E20 पेट्रोल डलवाने के बाद उनकी कार का माइलेज कम हो गया. इतना ही नहीं गाड़ी के कई पार्ट्स में भी खराबी के मामले सामने आए. ऐसे में अगर आपके पास भी कार है तो E20 पेट्रोल डलवाने से पहले आइए जानते हैं कि कैसे चेक करें कि आपकी गाड़ी इस फ्यूल के लिए बनी है या नहीं?
आप अपनी गाड़ी के व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर [VIN] से यह मालूम कर सकते हैं कि आपकी गाड़ी E20 पेट्रोल के लिए बनी है या नहीं. इसके अलावा सबसे पहले अपनी कार का फ्यूल फिलर कैप (Fuel Lid) देखें. कई कंपनियां यहां E20, E20 Compatible या E20 Fuel जैसी जानकारी लिखती हैं. अगर ऐसा लिखा है, तो आपकी कार E20 पेट्रोल के लिए सही है.
पेट्रोल या एथेनॉल, 10 हजार किमी ड्राइव करने में कौन-सा फ्यूल पड़ेगा सस्ता?
अगर फ्यूल लिड पर कोई जानकारी नहीं मिलती है, तो कार के Owner's Manual में फ्यूल से जुड़ी जानकारी लें, इसमें साफ लिखा होता है कि वाहन किस तरह का पेट्रोल इस्तेमाल कर सकता है. अगर फिर भी जानकारी न मिले तो अपनी कार कंपनी की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर मॉडल का नाम और वर्ष (Model Year) डालकर E20 Compatibility की जानकारी हासिल कर सकते हैं. जरूरत पड़ने पर अधिकृत डीलरशिप या सर्विस सेंटर से भी पुष्टि की जा सकती है.
भारत में कई कार निर्माता कंपनियों ने अप्रैल 2023 के बाद ज्यादातर पेट्रोल मॉडलों को E20 के मुताबिक बनाना शुरू किया है. ऐसे में पुराने मॉडल की सभी कारें E20 के लिए उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है. इसलिए बिना पुष्टि के E20 पेट्रोल भरवाने से बचें. अगर आपकी कार E20 Compatible नहीं है, तो कंपनी की सलाह के मुताबिक ही ईंधन का इस्तेमाल करें. सही ईंधन चुनने से इंजन की कार्यक्षमता बनाए रखने और वाहन की वारंटी से जुड़े नियमों का पालन करने में भी मदद मिलती है.