राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई
Indias News Hindi July 22, 2026 09:43 PM

New Delhi, 22 जुलाई . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र Government पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा प्रणाली गंभीर संकट से गुजर रही है और छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जा रहा है.

राहुल गांधी ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्रों का आखिर कसूर क्या है. उनके अनुसार, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं और केवल एक निष्पक्ष एवं भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि छात्र लगातार मानसिक दबाव से गुजरते हैं और परीक्षा से ठीक पहले पेपर लीक जैसी घटनाओं की जानकारी मिलती है, जिससे उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि कई छात्र इस तनाव के कारण आत्महत्या तक कर चुके हैं.

राहुल गांधी ने दावा किया कि कभी दुनिया की बेहतर शिक्षा प्रणालियों में गिनी जाने वाली भारतीय शिक्षा व्यवस्था अब भरोसे के संकट से जूझ रही है. उनका आरोप था कि पिछले एक दशक में 152 बार विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, यानी औसतन हर महीने एक बड़ी घटना सामने आई.

उन्होंने कहा कि हर पेपर लीक के बाद लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है, लेकिन अब तक किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि यदि इतने मामलों के बावजूद कोई दोषी नहीं ठहराया गया, तो इसका मतलब है कि व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं.

राहुल गांधी ने शिक्षा को महंगा होने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है. उनका दावा था कि हर साल नीट परीक्षा की तैयारी और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं पर अभिभावक लगभग उतनी ही राशि खर्च करते हैं, जितना केंद्र Government पूरे शिक्षा बजट पर खर्च करती है.

उनके मुताबिक, यह स्थिति मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए बेहद कठिन है, क्योंकि वे अपनी मेहनत की कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं और बाद में पेपर लीक जैसी घटनाओं से उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ती है.

राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं. उन्होंने तीन प्रमुख मांगों का उल्लेख किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए, क्योंकि वे शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने में विफल रहे हैं. छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और आदेश देने वालों की जवाबदेही तय की जाए. पूरे घटनाक्रम के लिए Government छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की इन मांगों का समर्थन करती है और उनके साथ खड़ी है.

उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी पूंजी उसके युवा और उसकी शिक्षा व्यवस्था है. यदि परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा खत्म होता है, तो इसका असर पूरे देश के भविष्य पर पड़ेगा.

डीएससी

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