IND vs ZIM: छोटे भाई ने इंग्लैंड में हराया, अब बड़ा भाई बनेगा टीम इंडिया के लिए टेंशन?
TV9 Bharatvarsh July 23, 2026 12:43 AM

Ben Curran: आयरलैंड और इंग्लैंड में टी20 सीरीज हारने के बाद श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम अपने नए मिशन के लिए तैयार है. गुरुवार 23 जुलाई से भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 टी20 मैच की सीरीज शुरू हो रही है. इस सीरीज पर अब पहले से ज्यादा नजरें टिक गई हैं क्योंकि सवाल उठने लगे हैं कि क्या भारतीय टीम जिम्बाब्वे को हरा पाएगी या फिर कुछ उलटफेर देखने को मिलेगा? वहीं इस सीरीज में नजरें जिम्बाब्वे के बल्लेबाज बेन करन पर भी रहेंगी कि क्या वो अपने भाई सैम करन की तरह टीम इंडिया को परेशानी में डाल सकेंगे?

जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में 23 जुलाई को टी20 सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा. टीम इंडिया लगातार 7 में से 6 टी20 मैच हारने के बाद इस सीरीज में उतरेगी. ऐसे में उस पर जीत का दबाव होगा. वहीं जिम्बाब्वे के खिलाड़ी टीम इंडिया और खुद अपने हालिया प्रदर्शन के बाद से हौसलामंद होंगे कि वो भी आयरलैंड या इंग्लैंड जैसा कमाल कर सकते हैं. मगर ये इतना आसान भी नहीं होने वाला और ऐसा करने के लिए जिम्बाब्वे के हर खिलाड़ी को पूरा दम लगाकर प्रदर्शन करना होगा.

डेब्यू कर भाई की तरह करेंगे कमाल?

जिम्बाब्वे का हर खिलाड़ी इसके लिए बेकरार होगा लेकिन सबसे ज्यादा उत्सुकता बाएं हाथ के बल्लेबाज बेन करन को होगी. जिम्बाब्वे के लिए टेस्ट और वनडे में ओपनिंग करने वाले बेन करन ने अभी तक टीम के लिए टी20 डेब्यू नहीं किया है. मगर उन्हें इस सीरीज में चुना गया है और इसके चलते पूरी उम्मीद है कि वो पहले मैच में डेब्यू कर सकते हैं. अब अगर उनका डेब्यू होता है तो उनके पास टी20 वर्ल्ड चैंपियन के सामने छाप छोड़ने का मौका रहेगा.

मगर क्या बेन करन अपने छोटे भाई सैम करन की तरह टीम इंडिया को परेशानी में डाल सकेंगे? इंग्लैंड के लिए खेलने वाले बेन के छोटे भाई सैम करन ने हाल ही में भारत के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज में जीत में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने टी20 सीरीज में 7 और वनडे सीरीज में 6 विकेट लिए थे. इसके अलावा एक-दो मौकों पर उन्होंने छोटी लेकिन अहम पारियां भी खेली थीं, जो टीम की जीत की वजह बनी थीं.

पिता की तरह जिम्बाब्वे के लिए खेल रहे बेन

बेन करन की बात करें तो वो अपने बड़े भाई टॉम और छोटे भाई सैम की तरह इंग्लैंड के लिए कभी भी इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल पाए. यही कारण था कि 2024 में वो जिम्बाब्वे शिफ्ट हो गए और इस टीम के लिए खेलने लगे. असल में देखा जाए तो जिम्बाब्वे ही उनकी असली टीम भी है क्योंकि करन भाईयों के पिता केविन करन असल में जिम्बाब्वे के ही रहने वाले हैं और उन्होंने जिम्बाब्वे के लिए कुछ इंटरनेशनल मैच भी खेले थे. ऐसे में अब बेन करन ही जिम्बाब्वे में पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं.

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