Rupali Ganguly On Neet Protest: 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान छात्रों को जिस तरह से पीटा गया है वो अब नेशनल मुद्दा बन गया है. इस पर सिर्फ आम लोग ही नहीं बल्कि सेलिब्रेटी भी अपनी राय रख रहे हैं और पुलिस प्रशासन से लेकर सरकार की निंदा क रहे हैं. इस बीच अब टीवी एक्ट्रेस और अनुपमा फेम रुपाली गांगुली ने भी रिएक्शन दिया है. रुपाली 2024 में बीजेपी भी ज्वाइन कर चुकी हैं. एक्ट्रेस ने छात्र आंदोलन पर कहा है कि मीडिया पर लिखा है कि छात्रों की न्याय की मांग पूरी तरह जायज है.
लेकिन आंदोलन के नाम पर हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है. रूपाली का मानना है कि अगर छात्र आंदोलन का इस्तेमाल राजनीतिक या देश विरोधी एजेंडे के लिए किया जाता है, तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन्हीं छात्रों को होता है, जो अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं.
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छात्र आंदोलन पर रुपाली का बयानरूपाली गांगुली ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता. उनके अनुसार, इस तरह की घटनाएं किसी भी जायज आंदोलन को कमजोर कर देती हैं.
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ छात्रों की मांग पूरी तरह सही है. छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था, जवाबदेही और ऐसे मजबूत इंतजाम मिलने चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों. उन्होंने यह भी कहा कि हाल के पेपर लीक मामलों में सरकार और जांच एजेंसियों ने जांच शुरू की है, कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है.
रुपाली ने कही ये बातThose who take the law into their own hands, vandalize public property, and attack the police cannot be called students. Such actions only weaken a legitimate cause.
The demand for justice over paper leaks is valid. Students deserve a fair examination system, accountability, and
— Rupali Ganguly (@TheRupali) July 22, 2026
रूपाली ने आगे लिखा कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए भी कदम उठाने की बात कही है. लेकिन जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन की जगह हिंसा ले लेती है, तो छात्रों की असली मांगें पीछे छूट जाती हैं. उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक या देश विरोधी तत्व छात्र आंदोलन का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो इससे सबसे ज्यादा नुकसान छात्रों को ही होता है. उनके मुताबिक, लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए होनी चाहिए, न कि हिंसा और तोड़फोड़ के लिए.
रुपाली ने छात्रों से की ये अपीलरूपाली गांगुली ने छात्रों और नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करें, एकजुट रहें और किसी को भी उनकी भावनाओं का राजनीतिक या वैचारिक लाभ उठाने का मौका न दें. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन ही बदलाव लाने का सबसे मजबूत तरीका है.
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