Thursday Puja: गुरुवार के दिन केले के पेड़ की ऐसे करें पूजा, शादी के बनने लगेंगे योग
TV9 Bharatvarsh July 23, 2026 10:42 AM

Thursday Banana Tree Puja Benefits: सनातन धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित किया गया है. इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा और व्रत किया जाता है. साथ ही कुंडली में गुरु को मजबूत करने के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि गुरुवार के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा और व्रत करने से जीवन में खुशहाली आती है. सारे दुख दूर हो जाते हैं. वहीं ज्योतिषीय मान्यता है कि गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति से जुड़े कुछ खास उपाय करने से कुंडली में गुरु मजबूत होते हैं.

गुरुवार के दिन केले के पेड़ की भी पूजा की जाती है. शास्त्रों में बताया गया है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है, इसलिए केले के पेड़ की पूजा महत्व बहुत अधिक है. गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है. घर में आर्थिक सम्पन्नता आती है. नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश घर में नहीं होता. मान्यता है कि इस दिन केले के पेड़ की पूजा करने से विवाह में कोई रुकावट नहीं आती है. विवाह के योग बनते हैं. मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है.

केले के पेड़ की पूजा विधि

गुरुवार को सुबह स्नान करके पीले वस्त्र पहनें. केले के पेड़ को जल दें और उसके चारों तरफ हल्दी से स्वस्तिक बनाएं. पीले फूल, चने की दाल, गुड़ और केले को भगवान मानकर चढ़ाएं. गाय के घी का दीपक जलाएं और बृहस्पति के ॐ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का जाप करें. पेड़ की सात बार परिक्रमा करें और सुख-शांति, धन, शिक्षा और विवाह की प्रार्थना करें. पूजा के बाद व्रत कथा सुनें या पढ़ें. जरूरतमंदों को पीली वस्तुएं दान करें.

केले के पेड़ की पूजा का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करने से संतान सुख, धन और विवाह संबंधी परेशानियां खत्म हो जाती हैं. केले का पेड़ लक्ष्मी जी का भी प्रतीक माना गया है. केले के पेड़ की पूजा करने से जीवन समृद्ध बनता है. घर में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता बनी रहती है. कई देवी-देवताओं की मूर्ति को केलों के पत्तों से सजाने की परंपरा है. पूजा में इस्तेमाल होने वाले पत्ते और फल दोनों शुद्ध माने जाते हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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