Suriya Birthday Special: साउथ सिनेमा में ‘सिंघम’ बनकर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले और ‘जय भीम’ व ‘सूररई पोट्रू’ जैसी फिल्मों से नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले वर्सेटाइल तमिल एक्टर सूर्या आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. आज यानी 23 जुलाई को अपना जन्मदिन मना रहे सूर्या की गिनती आज देश के सबसे अमीर और हाईएस्ट पेड अभिनेताओं में होती है. लेकिन करोड़ों दिलों पर राज करने वाले और करीब 350 करोड़ रुपये की नेटवर्थ के मालिक सूर्या की शुरुआत वैसी नहीं थी, जैसी अक्सर किसी स्टार किड की मानी जाती है.
मशहूर तमिल एक्टर शिवकुमार के बेटे होने के बावजूद, सूर्या कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थें. गारमेंट फैक्ट्री की मजदूरी से लेकर किस्मत के खेल तक सूर्या के सुपरस्टार बनने की ये कहानी बेहद दिलचस्प है!
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पहचान छिपाकर गारमेंट फैक्ट्री में की नौकरीचेन्नई के लोयोला कॉलेज से बी.कॉम ग्रेजुएट होने के बाद सूर्या का सपना अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का था. वे चाहते थे कि पहले खुद काम सीखें. इसलिए उन्होंने बिना किसी को ये बताए कि वे दिग्गज एक्टर शिवकुमार के बेटे हैं, एक कपड़ा (गारमेंट/टेक्सटाइल) एक्सपोर्ट फैक्ट्री में काम करना शुरू किया. शुरुआत में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें पहले 15 दिनों के महज 750 रुपये मिले थे. इसके बाद उनकी महीने की पगार 1,200 रुपये तय हुई. करीब ढाई से तीन साल तक सूर्या ने उस गारमेंट फैक्ट्री में मेहनत की और अपनी पगार बढ़कर 8,000 रुपये तक पहुंची. वे सोच रहे थे कि अनुभव मिलने के बाद पिता से 1 करोड़ रुपये लेकर खुद की फैक्ट्री शुरू करेंगे.
मां के 25,000 रुपये के कर्ज ने बदल दी किस्मत!फैक्ट्री में काम करने के दौरान ही एक दिन नाश्ता करते वक्त सूर्या की मां ने उनसे एक ऐसी बात कही जिसने उनकी पूरी जिंदगी का रुख बदल दिया. मां ने रोते हुए बताया कि उन्होंने घर चलाने के लिए 25,000 रुपये का कर्ज ले रखा है और बैंक बैलेंस खत्म हो चुका है. उस वक्त पिता को मिलने वाले पैसों की कोई guarantee नहीं थी. सूर्या को अहसास हुआ कि उनके परिवार को पैसों की सख्त जरूरत है. हालांकि इससे पहले वे डायरेक्टर वसंत की फिल्म ‘आसाई’ (1995) का ऑफर रिजेक्ट कर चुके थे क्योंकि उनका एक्टिंग में कोई इंटरेस्ट नहीं था. लेकिन मां का 25 हजार रुपये का कर्ज चुकाने की नीयत से उन्होंने तुरंत फिल्मों में आने का मन बनाया.
सरवनन से ‘सूर्या’ द सुपरस्टार बनने का सफरसूर्या का जन्म का असली नाम सरवनन शिवकुमार है. जब 1997 में फिल्ममेकर मणिरत्नम के प्रोडक्शन की फिल्म ‘नेरुक्कू नेर’ से उन्होंने डेब्यू किया, तब स्क्रीन पर पहले से मौजूद सरवनन नाम के कलाकारों से भ्रम से बचने के लिए मणिरत्नम ने ही उन्हें स्क्रीन नेम ‘सूर्या’ दिया. शुरुआत में डांस, फाइट और एक्टिंग को लेकर संघर्ष करने वाले सूर्या ने खुद पर मेहनत की और ‘नंदा’, ‘काखा काखा’, ‘गजिनी’, ‘सिंघम’ और ‘सूररई पोट्रू’ जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में देकर खुद को सिनेमा का स्तंभ साबित किया.
आज हैं 350 करोड़ के साम्राज्य के मालिकजिस इंसान ने अपनी पहली पगार 750 रुपये से शुरू की थी, आज मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 350 करोड़ रुपये से अधिक है. वे अपनी 2D एंटरटेनमेंट कंपनी के तहत ब्लॉकबस्टर फिल्में प्रोड्यूस करते हैं. इसके अलावा वे ‘अगरम फाउंडेशन’ के जरिए हजारों जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाकर समाज सेवा में भी मिसाल कायम कर रहे हैं!
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