दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन का असर अब राजधानी के दिल यानी देश के सबसे बड़े कारोबारी केंद्र कनॉट प्लेस (CP) पर साफ तौर पर दिखने लगा है। लगातार हो रहे प्रदर्शनों और सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया है। एसोसिएशन ने आज शाम 6:30 बजे ही कनॉट प्लेस की सभी दुकानों को बंद रखने का निर्णय किया है। व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल यह कदम सिर्फ आज के लिए उठाया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में हालात की समीक्षा करने के बाद ही अगला फैसला लिया जाएगा।
20 जुलाई के बाद से व्यापार में आई भारी गिरावटनई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव के मुताबिक, बीते 20 जुलाई की घटना के बाद से कनॉट प्लेस के पूरे कारोबार पर बहुत बुरा असर पड़ा है। उनका यह दावा है कि इस दौरान व्यापार में लगभग 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि आम ग्राहक सुरक्षा के डर से बाजार आने से साफ बच रहे हैं, जिसकी वजह से दुकानदारों को भारी-भरकम आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
अतुल भार्गव ने यह भी जानकारी दी कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने भी सुरक्षा के मद्देनजर जरूरी कदम उठाने की सलाह दी थी। इसी सलाह के बाद सभी व्यापारियों ने आपसी सहमति से यह तय किया कि दुकानों को उनके तय समय से पहले ही बंद कर दिया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
“हमें छात्रों से नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों से है असली चिंता”व्यापारियों का पक्ष रखते हुए अतुल भार्गव ने बिल्कुल स्पष्ट किया कि व्यापार मंडल या दुकानदारों को छात्रों के किसी भी प्रदर्शन से कोई आपत्ति या दुश्मनी नहीं है। उनकी मुख्य चिंता इस बात को लेकर है कि इन प्रदर्शनों की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो गए हैं, जिससे इलाके की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हमें देश के छात्रों से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उनके आंदोलन के बीच कुछ असामाजिक तत्व घुस आए हैं, और यही बात हमारे लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है।”
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से निकले समाधान की मांगNDTA अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से पुरजोर अपील करते हुए कहा कि मौजूदा समय के इस तनावपूर्ण हालात का समाधान केवल आपसी बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि उसे अपना अड़ियल रुख छोड़कर तुरंत छात्रों से संवाद करना चाहिए, ताकि शहर के हालात जल्द से जल्द सामान्य हो सकें और राजधानी के ठप पड़ रहे व्यापार को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी को लेकर भी खड़े किए बड़े सवालअतुल भार्गव ने प्रदर्शन स्थल के आसपास लगातार हो रही ऑनलाइन फूड डिलीवरी को लेकर भी गहरी आशंका जताई। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि जिस तरह भारी मात्रा में ऑनलाइन खाने के ऑर्डर डिलीवर किए जा रहे हैं, उससे यह शक पैदा होता है कि केवल प्रदर्शनकारी छात्र ही नहीं, बल्कि कोई बाहरी लोग भी किसी न किसी रूप में इस व्यवस्था को सपोर्ट कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस बात को साबित करने के लिए उनके पास कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है।
फिलहाल, कनॉट प्लेस के सभी व्यापारियों का यही कहना है कि उनकी सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता उनके ग्राहकों, दुकान के कर्मचारियों और खुद दुकानदारों की सुरक्षा है। जब तक हालात पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते, वे प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर जरूरी कदम उठाते रहेंगे।