गुजरात में बाढ़ का संकट, 1,200 सड़कें बंद और स्कूलों में छुट्टी, PM मोदी ने CM से की बातचीत, केंद्र देगा हरसंभव मदद
Webdunia Hindi July 24, 2026 04:42 AM

rain in gujarat

गुजरात में पिछले 24 घंटों से विशेष रूप से दक्षिणी और मध्य हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। नदियाँ उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है, जिसके चलते राज्य और केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं। नागरिकों की सुरक्षा और सलामती को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे प्रशासनिक तंत्र को मुस्तैद कर दिया गया है।  PM मोदी और अमित शाह ने CM भूपेंद्र पटेल से की बातचीत

राज्य में उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री के साथ राहत और बचाव कार्यों पर चर्चा की और आवश्यक केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया। 

मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को 'ग्राउंड जीरो' पर उतारा गया

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, आदिवासी विकास मंत्री नरेश पटेल और वरिष्ठ सचिवों को सबसे ज्यादा प्रभावित सूरत, वलसाड और नवसारी जिलों में प्रशासन की मदद के लिए भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, रेड अलर्ट वाले सभी जिलों में प्रभारी सचिवों को तत्काल पहुँचकर स्थिति पर सीधी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

दक्षिण गुजरात के जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज

दक्षिण गुजरात में बादलों का भयंकर प्रकोप देखने को मिला है। सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, नवसारी के खेरगाम में 16 inch, सूरत के उमरपाड़ा में 15 inch और वलसाड के उमरगाम में 14 inch भारी बारिश दर्ज की गई है। नवसारी जिले में कावेरी, अंबिका, खरेरा और पूर्णा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे 218 आंतरिक सड़कें बंद हो गई हैं। 

11 जिलों में रेड अलर्ट और 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के बाद राहत आयुक्त गौरांग मकवाना ने दक्षिण और मध्य गुजरात के 11 जिलों (दाहोद, पंचमहल, वडोदरा, छोटा उदेपुर, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी, डांग, नवसारी और वलसाड) में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अहमदाबाद, गांधीनगर, भावनगर, साबरकांठा, अरावली, खेड़ा और आणंद सहित 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

बड़े पैमाने पर स्थानांतरण: NDRF, SDRF और आर्मी तैनात

वलसाड जिले में 12,000 से अधिक और नवसारी में 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। वलसाड में 200 से अधिक और नवसारी में 50 से अधिक लोगों को पानी के बीच से सुरक्षित निकाला गया है। फिलहाल वलसाड में 3 NDRF और 5 SDRF की टीमें कार्यरत हैं, जबकि 4 अतिरिक्त NDRF टीमों को सूरत एयरलिफ्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही वलसाड और नवसारी के लिए सेना (Army) की 2 कॉलम और GSDMA की 25 नावें भी रवाना की गई हैं। 

 

1,200 से अधिक सड़कें बंद और स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी

भारी बारिश और सड़कों पर जलभराव के कारण राज्य में 1,200 से अधिक सड़कें (मुख्य रूप से पंचायत की ग्रामीण सड़कें) यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले सभी जिलों के स्कूलों, कॉलेजों और आंगनबाड़ियों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने और सावधानी बरतने की अपील

राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतूभाई वाघानी ने तापी जिले में पानी के तेज बहाव में बहने से एक व्यक्ति की हुई दुखद मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि बाढ़ के पानी या बहते कॉज़वे को पार करने का जोखिम न उठाएं, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में सरकारी हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।

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