Pimpri Chinchwad Rape Case: महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड़ शहर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. वाकड थाना क्षेत्र में पड़ोस में रहने वाले 65 साल के शख्स पर दो सगी नाबालिग बहनों के साथ रेप करने का आरोप लगा है. पुलिस ने आरोपी रमजान बागवान को गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 10 वर्षीय बच्ची के साथ डेढ़ महीने के दौरान चार बार और उसकी चार वर्षीय बहन के साथ एक बार रेप किया.
पीड़ित बच्चियों का परिवार मजदूरी करता है. उनके माता-पिता, दादा-दादी और चाचा रोजाना काम पर चले जाते हैं. आरोपी का परिवार भी मजदूरी करता है, लेकिन घटना वाले दिन उसकी पत्नी और बेटा काम पर चले गए थे, जबकि आरोपी घर पर ही मौजूद था.
10 वर्षीय बच्ची रोज की तरह स्कूल से सुबह करीब 11 बजे घर लौटी थी. उस समय घर के बड़े सदस्य काम पर थे और दोनों बहनें घर के आसपास खेल रही थीं. इसी दौरान आरोपी ने मौका देखकर बच्ची का मुंह दबाया और उसे अपने घर ले गया, जहां उसके साथ रेप किया.
पड़ोसी महिला की सतर्कता से खुला मामलाघटना के दौरान पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बच्ची को आरोपी के घर जाते हुए देखा. उसे शक हुआ और उसने बच्ची के माता-पिता के काम से लौटने का इंतजार किया. शाम को परिवार के घर पहुंचने पर महिला ने पूरी घटना की जानकारी दी.
इसके बाद मां ने बच्ची को भरोसे में लेकर पूछताछ की. बच्ची ने बताया कि आरोपी ने केवल उसी दिन नहीं, बल्कि मई महीने से अब तक उसके साथ चार बार रेप किया है. उसने यह भी बताया कि आरोपी ने उसकी चार वर्षीय छोटी बहन को भी कुछ दिन पहले अपने घर ले जाकर उसके साथ गलत हरकत की थी.
धमकी देकर चुप रहने को कहता था आरोपीपीड़िता ने परिवार को बताया कि आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देता था. उसने कहा था कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो वह चाकू से उसका पेट काट देगा. इसी डर की वजह से बच्ची लंबे समय तक चुप रही. परिवार को जब पूरी सच्चाई का पता चला तो वे तुरंत वाकड पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत मिलने के बाद वाकड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी रमजान बागवान को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ POCSO एक्ट, एट्रोसिटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इससे पहले भी किसी अन्य बच्चे को अपना शिकार तो नहीं बनाया था. पुलिस का कहना है कि पीड़ित बच्चियों को हर संभव कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.