करीब दो हफ्ते मध्य प्रदेश का खजुराहो डोमेस्टिक एयरपोर्ट देश का नंबर-1 एयरपोर्ट (यात्री अनुभव के आधार पर) बना था. मगर अब जो खबर सामने आई है, वो तो और चौकाने वाली है. इस समय इस एयरपोर्ट से कोई भी पैसेंजर फ्लाइट उड़ान नहीं भर रही है. इसको लेकर अब सवाल भी खड़े कर रहे हैं. लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस एयरपोर्ट पर फ्लाइट की कोई आवाजाही नहीं है, वह देश का सबसे बेहतरीन एयरपोर्ट कैसे बन गया? जब यहां फ्लाइट्स चलती भी थीं, तब भी केवल दो ही उड़ानें थीं जो दिल्ली और वाराणसी के लिए थीं, जिन्हें अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है. बता दें कि खजुराहो एयरपोर्ट दिसंबर 2025 की लिस्ट में भी देश का नंबर-1 एयरपोर्ट था.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, खजुराहो एयरपोर्ट के डायरेक्टर संतोष सिंह ने बताया कि इस एयरपोर्ट का मुख्य टर्मिनल 1960 के दशक के आखिरी सालों में बनकर तैयार हो गया था. यहां से पहली हवाई यात्रा साल 1978 में शुरू हुई थी. यात्रियों के बीच हुए एक सरकारी सर्वे में इस छोटे से एयरपोर्ट ने देश के कई बड़े और बेहद व्यस्त एयरपोर्ट्स को भी पीछे छोड़ दिया.
अक्टूबर में दोबारा शुरू हो सकती हैं उड़ानेंउन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऐसे समय में घोषित की गई है जब मानसून के मौसम में हवाई अड्डे का रनवे शांत पड़ा है. यहां से केवल दिल्ली और वाराणसी के लिए उड़ानें चलती थीं, लेकिन 1 जुलाई से एक भी फ्लाइट नहीं चल रही है. हालांकि, संतोष सिंह ने दिल्ली और वाराणसी की उड़ानें बंद होने की कोई खास वजह नहीं बताई. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि ये उड़ानें अक्टूबर में दोबारा शुरू हो सकती हैं. बता दें कि खजुराहो एयरपोर्ट मध्य प्रदेश का एक घरेलू एयरपोर्ट है. यह 590 एकड़ में फैला है. खजुराहो UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज साइट शामिल है.
क्या है CSI रिपोर्ट, कैसे मिलती है रेटिंग?एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी AAI हर छह महीने में एक सर्वे (CSI रिपोर्ट) करवाती है. यह काम बाहर की स्वतंत्र एजेंसियों को दिया जाता है ताकि कोई पक्षपात न हो. यात्री एयरपोर्ट की 33 सुविधाओं (जैसे- पार्किंग, वाई-फाई, खाना-पीना, साफ-सफाई और ट्रांसपोर्ट) की जांच करते हैं. उनके अनुभवों के आधार पर एयरपोर्ट को पांच में से रेटिंग दी जाती है.