IIT कानपुर व IIT मद्रास ने इसी साल से बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम शुरू किया है. सीबीएसई वेबसाइट को हैक करने के बाद चर्चा में आए निसर्ग अधिकारी को जॉब ऑफर करने के बाद IIT कानपुर ने ये प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके बाद IIT मद्रास में भी प्रोग्राम शुरू हुआ है.इस प्रोग्राम में एडमिशन के लिए बीते दिनों एडमिशन प्रोसेस संचालित किया गया था, जिसमें कई कैंडिडेट्स को सफलता मिली तो कई कैंडिडेट्स का विभिन्न कारणों से एडमिशन नहीं हो सका, लेकिन इनमें एक कैंडिडेट्स ऐसा भी था, जिसने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए IIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट ही हैक कर ली. इस कैंडिडेट्स के खिलाफ FIR दर्ज होने ही वाली थी, लेकिन अब इस कैंडिडेट्स को एडमिशन का एक और मौका मिला है.
आइए पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि कैसे FIR करने की नौबत आने के बावजूद कैंडिडेट्स को एडमिशन का एक और मौका मिला है. जानेंगे कि पहले कैंडिडेट्स का एडमिशन फॉर्म क्यों निरस्त हुआ था.
‘Site is hacked. All I need is just a fair chance.’IIT कानपुर व IIT मद्रास में बैचलर ऑफ साइबर सिक्याेरिटी प्रोग्राम में एडमिशन ना होने पर एक कैंडिडेट ने दोनों संस्थानों की वेबसाइट हैक कर ली. कैंडिडेट ने वेबसाइ पर नोट छोड़ा कि ‘Site is hacked. All I need is just a fair chance.’ इसके बाद IIT कानपुर व IIT मद्रास प्रशासन हरकत में आ गया. इसको लेकर पुलिस FIR में दर्ज कराने की तैयारी की जाने लगी.
काबिलियत परखने के लिए अब एक और मौकाIIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट हैक करने वाले कैंडिडेट को उसकी मांग के अनुरूप एडमिशन का एक और मौका दिया जा रहा है. ये स्थिति तब बनी है, जो कैंडिडेट के खिलाफ FIR दर्ज कराने की तैयारी थी. असल में कैंडिडेट के इस दुस्साहस में IIT कानपुर के डायरेक्टर को टैलेंट नजर आया है. ऐसे में IIT कानपुर से कैंडिडेट्स को परखने के लिए एक और मौका देने का फैसला लिया गया है. क्योंकि ये प्रोग्राम ही साइबर सिक्याेरिटी पर आधारित है. ऐसे में कैंडिडेट्स को मौका दिया लाजिमी माना जा रहा है. जानकारी के मुताबिक अगर इस मौके पर कैंडिडेट अपनी काबिलियत का प्रदर्शन करेगा, तो एडमिशन मिल सकता है.
क्यों नहीं मिला था एडमिशनIIT कानपुर और IIT मद्रास की तरफ से शुरू किए बैचलर ऑफ साइबर सिक्याेरिटी कोर्स के लिए इस कैंडिडेट ने भी आवेदन किया था, जिसके तहत कैंडिडेट ने एप्लीकेशन फीस जमा करने के साथ ही मांगे गए सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स भी अपलोड किए थे. एडमिशन प्रोसेस के तहत आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स के बीच हैकाथॉन का आयोजन होना था, जिसमें प्रदर्शन के आधार पर कैंडिडेट्स को एडमिशन दिया जाना था. जानकारी के मुताबिक इस कैंडिडेट को हैकाथॉन के लिए भी नहीं बुलाया गया था. IIT कानपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल के मुताबिक साइबर सिक्योरिटी का कोई एक्सपीरियंस नहीं होने की वजह से कैंडिडेट को हैकाथॉन के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया था. इस प्राेग्राम में एडमिशन के लिए एक्सपीरियंस जरूरी है.