पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. रावलाकोट से शुरू हुआ ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी का लॉन्ग मार्च फिलहाल रावलाकोट के आसपास रुका हुआ है. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पाकिस्तान रेंजर्स और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है. प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में अब तक करीब 41 लोगों की मौत और 250 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है. इसी बीच मुजफ्फराबाद से भी तनावपूर्ण तस्वीरें सामने आई हैं. यहां बड़ी संख्या में लोगों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी के समर्थन में नारे लगाए.
प्रदर्शन के दौरान लोगों की पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ धक्का-मुक्की और झड़प भी हुई. इसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स और सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है. हालांकि मुजफ्फराबाद में कितने लोगों की मौत हुई है, इसका अभी तक कोई आधिकारिक और पुख्ता आंकड़ा सामने नहीं आया है. वहीं, इंटरनेट सेवाएं बंद होने की वजह से इलाके से सही और ताजा जानकारी बाहर आने में भी मुश्किल हो रही है.
पाकिस्तान की क्रूर कार्रवाई की भारत ने की निंदाइस बीच पीओजेके में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस्लामाबाद द्वारा क्रूर कार्रवाई की भारत ने कड़ी निंदा की है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले की जांच करने और लोगों पर ‘अत्याचारों’ के लिए उसे जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया है.
JAAC कर रही विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्वदरअसल, पिछले महीने से ही PoJK में जीवन यापन की बढ़ती लागत, कथित प्रशासनिक उदासीनता और अल्पसंख्यकों के खिलाफ राजनीतिक भेदभाव और अत्याचारों को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. संयुक्त अवामी कार्रवाई समिति (JAAC) इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही है. भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने हत्याओं की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है और वैश्विक संगठनों से पाकिस्तान की कार्रवाई की बारीकी से जांच करने का आग्रह किया है.
इसके साथ ही भारत ने एक बार फिर PoJK में तथाकथित चुनावों को खारिज किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं, पाकिस्तान का वहां कोई वैध अधिकार नहीं है.
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