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प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह किसी भी सभ्य समाज के अनुरूप नहीं है। हालांकि, उन्होंने समाज से छात्रों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सुधारने और सही रास्ता दिखाने की अपील की।
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने बहुत गंदी गालियां दीं... गालियां मुझे दी गईं और मेरी दिवंगत मां को भी दी गईं। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा को लेकर समाज का गुस्सा स्वाभाविक है, खासकर जब कथित तौर पर कुछ युवा महिलाओं द्वारा भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया हो। लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि इन युवाओं को सही दिशा दिखाई जाए, न कि उन्हें कानूनी लड़ाई में उलझाया जाए।
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'ये भटके हुए बच्चे हैं, इन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा कर्तव्य'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये भटके हुए बच्चे हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सजा देकर, अदालतों के चक्कर लगवाकर या समाज में परेशान करके परिस्थितियों को नहीं बदला जा सकता।
पीएम मोदी ने कहा कि वह इन छात्रों को माफ करना चाहते हैं और समाज से भी ऐसा ही करने की अपील करते हैं। उन्होंने अपनी बात समझाने के लिए जीभ और दांत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब गलती से जीभ दांतों के बीच आ जाती है और खून निकल जाता है, तो हम अपने दांत नहीं तोड़ देते, क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है। इसी तरह ये बच्चे भी हमारे ही हैं।
प्रधानमंत्री ने छात्रों से इस घटना को पीछे छोड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को गलतियों से सीखकर देश को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा, "बच्चों, आओ, देश के लिए मिलकर आगे बढ़ें। कुछ नया सीखें, अपनी गलतियों से भी सीखें। मैं आपके लिए जीता हूं, आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए मेहनत करता हूं। आओ, मिलकर देश को आगे बढ़ाएं।
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जंतर-मंतर प्रदर्शन के वायरल वीडियो पर जीरो FIR
पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। वायरल वीडियो में एक महिला द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। शिकायत के आधार पर 29 जुलाई को नोएडा में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी।
शुक्रवार को इसे दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया, क्योंकि कथित घटना दिल्ली के अधिकार क्षेत्र में हुई थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस पहले जीरो एफआईआर में दर्ज तथ्यों और वायरल वीडियो की सामग्री की जांच करेगी। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।