
चेन्नई, 1 अगस्त . डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व Chief Minister एम.के. स्टालिन ने मेकेदातु डैम मामले को लेकर Chief Minister विजय पर निशाना साधा है.
social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर एमके स्टालिन ने लिखा, “चीफ मिनिस्टर अकेले काम करना चाहते थे लेकिन अब वे अकेले पड़ गए हैं.” उन्होंने लिखा कि पूरे तमिलनाडु के पॉलिटिकल लीडर्स और किसान एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि मेकेदातु डैम के मुद्दे पर कर्नाटक के साथ बातचीत करने का कोई मतलब नहीं होगा. हमने तमिलनाडु के चीफ मिनिस्टर से कर्नाटक न आने की रिक्वेस्ट की थी.
एमके स्टालिन ने लिखा, “हमारे अनुभव से पता चला है कि जिस राज्य ने साफ तौर पर कह दिया है कि वह तमिलनाडु को पानी नहीं दे सकता, उससे निपटने का एकमात्र असरदार तरीका कानूनी प्रक्रिया है. कर्नाटक तमिलनाडु को सिर्फ अपने सरप्लस पानी को ले जाने के लिए एक डाउनस्ट्रीम चैनल के तौर पर देखता है. हालांकि, शायद तमिलनाडु के नए चीफ मिनिस्टर को लगा कि खुद कर्नाटक जाकर वह कावेरी का पानी सुरक्षित कर सकते हैं. हमारी सभी चेतावनियों को इग्नोर करते हुए उन्होंने पड़ोसी राज्य का दौरा करने के लिए एक दूत भेजा.”
पूर्व Chief Minister ने आगे लिखा कि लेकिन कावेरी वॉटर मैनेजमेंट अथॉरिटी (सीडब्ल्यूएमए) के कर्नाटक को तमिलनाडु को पानी छोड़ने का निर्देश देने के बाद कर्नाटक Government ने यह कहकर दरवाजा बंद कर दिया, ‘प्लीज अभी मत आइए.’ social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में उन्होंने लिखा, “हमें ऐसी सिचुएशन का अंदाजा था और हमने इसके बारे में पहले ही चेतावनी दे दी थी. कम से कम अब, Chief Minister को कावेरी मुद्दे पर, जो तमिलनाडु के लिए बहुत जरूरी है, सलाह-मशविरा और आम सहमति से बात करनी चाहिए.”
एम.के. स्टालिन ने आगे लिखा, “तमिलनाडु के Chief Minister को दौरा न करने के लिए कहने के बाद, कर्नाटक के Chief Minister ने अब 2 अगस्त को राज्य में एक ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाई है, और अपने कामों से दिखाया है कि कर्नाटक की पॉलिटिकल पार्टियां इस मुद्दे पर एक साथ हैं. तमिलनाडु के Chief Minister ऑल-पार्टी मीटिंग कब बुलाएंगे? क्या वह बुला सकते हैं या नहीं?”
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एसडी/पीएम