प्रीति कुजूर शनिवार को ओमान से भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और रविवार को अपने घर पहुंच जाएंगी। उनके ओमान में फंसे होने की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष को तत्काल मामले का संज्ञान लेकर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। भाई ने लगाई थी मदद की गुहार
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत मरारोमा गंझूटोली निवासी रंतु कुजूर ने अपनी बहन प्रीति कुजूर की परेशानी को लेकर 19 जून को मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू की।
ज्यादा कमाई का लालच देकर भेजा गया था ओमान
जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 में भारत के एक एजेंट ने प्रीति कुजूर को दुबई में 45 से 50 हजार रुपये मासिक कमाई का लालच देकर ओमान भेजा था। हालांकि, ओमान पहुंचने के बाद उनसे महज 23 से 25 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक पर काम कराया गया।
मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार के स्तर से त्वरित हस्तक्षेप किया गया। राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष और भारतीय दूतावास, मस्कट के समन्वित प्रयासों से प्रीति कुजूर की सुरक्षित भारत वापसी का रास्ता सुनिश्चित हुआ।
राज्य सरकार ने प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं के समाधान और संकट की स्थिति में उनकी सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित विभागों एवं भारतीय मिशनों के साथ समन्वय को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।