दिल्ली के VMMC (वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज) और सफदरजंग अस्पताल ने ग्लोबल कार्डियक सर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. VMMC और सफदरजंग अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. कविता शर्मा की देखरेख में, संस्थान ने एक वयस्क मरीज में दुनिया का पहला रोबोटिक लेफ्ट एट्रिओवेन्ट्रिकुलर (सिस्टमिक AV) वॉल्व रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक किया.
जानकारी के मुताबिक संस्थान के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग ने एक ऐसे वयस्क मरीज़ में दुनिया का पहला रोबोटिक सिस्टमिक एट्रियोवेंट्रिकुलर (AV) वाल्व रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक किया है, जो जन्मजात रूप से दो बेहद दुर्लभ हृदय संबंधी विकृतियों से पीड़ित था. मरीज को ‘कंजेनिटली करेक्टेड ट्रांसपोज़िशन ऑफ़ द ग्रेट आर्टरीज़’ (ccTGA) और ‘डेक्सट्रोकार्डिया’ की समस्या थी.
कार्डियक सर्जरी के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियह उपलब्धि कार्डियक सर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसे VMMC और सफदरजंग अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी(CTVS) विभाग ने हासिल किया. यह शानदार उपलब्धि VMMC और सफदरजंग अस्पताल को एडवांस्ड रोबोटिक कार्डियक सर्जरी में सबसे आगे रखती है और भारत के पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम में क्लिनिकल एक्सीलेंस, इनोवेशन और मरीज़ों की बेहतरीन देखभाल के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को फिर से साबित करती है.
सर्जिकल टीम के सामने बड़ी चुनौतीA Proud Moment for VMMC & Safdarjung Hospital
Under the leadership of Dr. Kavita Sharma, Director, VMMC & Safdarjung Hospital, the Department of Cardiothoracic & Vascular Surgery (CTVS) has achieved a historic global milestone by successfully performing the World’s First Robotic pic.twitter.com/qMyWQJQMtt
— VMMC & Safdarjung Hospital (@SJHDELHI) August 1, 2026
इस नई और कम चीर-फाड़ वाली (मिनिमली इनवेसिव) प्रक्रिया को CTVS विभाग के हेड और डायरेक्टर प्रोफेसर (डॉ.) अनुभव गुप्ता की अगुवाई में एक एक्सपर्ट सर्जिकल टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया. हालांकि टीम के सामने एक बड़ी चुनौती थी. क्यों कि मरीज दो जटिल बीमारियों से जूझ रहा था.
मरीज को थी दो जटिल बीमारीccTGA: जन्म के समय होने वाली एक ऐसी समस्या जिसमें दिल के निचले हिस्से (चैंबर) उल्टे होते हैं. इस वजह से कमजोर दाहिने वेंट्रिकल और उससे जुड़े AV वॉल्व को पूरे शरीर में तेज दबाव (सिस्टमिक प्रेशर) के साथ खून पंप करना पड़ता है.
डेक्सट्रोकार्डिया (Dextrocardia): एक ऐसी स्थिति जिसमें दिल पूरी तरह से उल्टा होता है और छाती में बाईं ओर के बजाय दाईं ओर होता है.
3D रीकंस्ट्रक्शन किया गयासमय के साथ, इस सिस्टमिक AV वॉल्व में गंभीर रूप से लीकेज होने लगी, जिससे मरीज के दिल के फेल होने का खतरा बढ़ गया. दिल की कार्यक्षमता पहले ही कमज़ोर हो चुकी थी, जिससे सर्जरी और भी मुश्किल हो गई थी. इस प्रक्रिया की बारीकी से योजना बनाने के लिए CT स्कैन का विस्तृत 3D रीकंस्ट्रक्शन किया गया.
बाईं ओर से रोबोटिक सर्जरी का अनोखा तरीकाइस मुश्किल संरचनात्मक चुनौती से निपटने के लिए, प्रोफेसर अनुभव गुप्ता और उनकी टीम ने सर्जरी का एक बिल्कुल नया तरीका तैयार किया. आम तौर पर, रोबोटिक माइट्रल वॉल्व रिप्लेसमेंट छाती के दाईं ओर से किया जाता है. लेकिन, चूंकि इस मरीज के दिल में ‘डेक्सट्रोकार्डिया’ (दिल का दाईं ओर होना) की स्थिति थी, इसलिए टीम ने बाईं ओर से सर्जरी करने का एक खास तरीका अपनाया, जो दाईं ओर से की जाने वाली आम रोबोटिक तकनीक जैसा ही था.
सर्जिकल टीम ने मरीज़ की ब्रेस्टबोन (छाती की हड्डी) को काटे बिना, छोटे-छोटे छेदों (पोर्ट्स) के ज़रिए ऑपरेशन किया. उन्होंने उल्टी तरफ़ बनी चेस्ट कैविटी के अंदर बेहद सटीकता से काम करने के लिए हाई-डेफ़िनिशन 3D विज़ुअलाइज़ेशन और रोबोटिक आर्म्स का इस्तेमाल किया.
इस बदलाव के कई बड़े मेडिकल फायदेमेडिकल लिटरेचर में यह एक ऐतिहासिक ऑपरेशन है, जिसमें पहली बार डेक्सट्रोकार्डिया (Dextrocardia) वाले ccTGA मरीज के सिस्टमिक AV वॉल्व को बदलने के लिए रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल बाईं ओर से (left-sided approach) किया गया. यह ऐतिहासिक उपलब्धि VMMC और सफदरजंग अस्पताल की दूरदर्शिता, संस्थागत नेतृत्व और मरीज की बेहतर देखभाल में इनोवेशन के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह भारत के पब्लिक हेल्थकेयर सेक्टर में मौजूद विश्व-स्तरीय विशेषज्ञता को भी उजागर करता है और दिखाता है कि VMMC और सफदरजंग अस्पताल जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान रोबोटिक कार्डियक सर्जरी में ग्लोबल इनोवेशन का नेतृत्व कर रहे हैं.