बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की मतगणना सोमवार को होगी. इलेक्शन कमीशन ने मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. काउंटिंग सोमवार सुबह आठ बजे से शुरू होगी. बांकीपुर में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, तो दतिया में भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी पर सभी की नजर है.
दतिया में भाजपा ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है और नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने पर दतिया में काफी हंगामा हुआ था, हालांकि बाद में नरोत्तम मिश्रा आशुतोष तिवारी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था.
इस तीन विधानसभा सीटों पर पार्टियों के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों की भी नजर रहेगी. बिहार की बांकीपुर सीट पर सबसे कम 34.30 प्रतिशत हुआ था, जबकि गुजरात की मंजलपुर सीट पर 37.50 प्रतिशत एवं मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर सबसे अधिक 71.44 प्रतिशत वोटिंग हुई थी.
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की अग्निपरीक्षाबिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य और पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी. भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को और जन सुराज पार्टी ने पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर चुनाव मैदान में उतारा है.
बांकीपुर में इस उपचुनाव में पूर्व की तुलना में कम मतदान हुआ था. साल 2010 से अब तक बांकीपुर सीट पर वोटिंग प्रतिशत में चार से पांच प्रतिशत तक उतार-चढ़ाव होता रहा है, लेकिन भाजपा यह सीट लगातार जीतती रही है, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा माना जा रहा है.
बांकीपुर में सवर्ण मतदाताओं में कायस्थ समाज का काफी प्रभाव माना जाता है. भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा कायस्थ समुदाय हैं, जबकि प्रशांत किशोर ब्राह्मण समाज से हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रशांत किशोर बीजेपी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने के साथ-साथ राजद और एनडीए दोनों से नाराज वोटर्स को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते दिखे थे.
दतिया में BJP की प्रतिष्ठा दांव परवहीं, मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर सबसे अधिक 71.44 प्रतिशत मतदान हुआ था. यहां भाजपा ने आशुतोष तिवारी को चुनावी मैदान में उतारा है, तो कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर अपना दांव लगाया है.
इस सीट पर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी मानी जा रही थी. ऐसा कहा जा रहा था कि उन्होंने चुनाव से पहले नामाकंन फॉर्म भी खरीद लिया था, लेकिन जब उम्मीदवार के नाम का ऐलान हुआ था तो उनका नाम नदारद था और आशुतोष तिवारी को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया था.
इसे लेकर दतिया में काफी हंगामा हुआ था, लेकिन बाद में नरोत्तम मिश्रा को समझाने में भाजपा नेतृत्व सफल रहा था. ऐसे में दतिया उपचुनाव के नतीजे बीजेपी के संगठनात्मक समीकरणों एवं नेतृत्व की रणनीति की भी अग्निपरीक्षा है.
मांजलपुर सीट पर कांग्रेस-भाजपा में टक्करगुजरात के वडोदरा जिले की मांजलपुर विधानसभा सीट भाजपा विधायक योगेशभाई नारनदास पटेल के निधन के बाद रिक्त हुई थी. इस सीट पर 37.50 प्रतिशत मतदान हुआ.
इस सीट पर कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला माना जा रहा है. यहां से भाजपा ने सतीश पटेल और कांग्रेस ने भीखाभाई रबारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि आप ने कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है.
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