MP Youth Job Fraud: मध्य प्रदेश के एक युवक को विदेश की मस्जिद में इमाम बनाने का सपना दिखाकर मजदूरी कराने और टॉयलेट साफ कराने का मामला सामने आया है. यहां युवक को जमकर टॉर्चर किया गया. युवक ने अपनी आपबीती मीडिया को बताई. ये पूरा मामला मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दीवानगंज के रहने वाले मोहम्मद फैजान का है. बेहतर भविष्य और धार्मिक सेवा का सपना लेकर फैजान ओमान गए थे, लेकिन वहां उनकी जिंदगी किसी कैदी जैसी बन गई.
फैजान के मुताबिक, जनवरी 2026 में उनकी मुलाकात एक एजेंट से हुई थी. एजेंट ने भरोसा दिलाया था कि ओमान की एक मस्जिद में उन्हें इमाम यानी नमाज पढ़ाने का काम मिलेगा. इस वादे के नाम पर एजेंट ने पहले 20 हजार रुपये लिए. इसके बाद मेडिकल प्रक्रिया के नाम पर 1 लाख 80 हजार रुपये और ऐंठ लिए.
किस्मत ने लिया यू-टर्न और कांप उठी रूहकुल मिलाकर परिवार ने करीब 2 लाख रुपये का इंतजाम कर फैजान को 4 मई 2026 को ओमान को मस्कट भेज दिया. ओमान पहुंचने के बाद फैजान की किस्मत ने ऐसा यू-टर्न लिया कि उनकी रूह कांप उठी. यहां मस्जिद में इमाम बनाने की बजाय उन्हें एक मिनिस्ट्री ऑफिस में भेज दिया गया.
फैजान ने बताया कि उनसे रोज 30 से 40 कमरों की सफाई करायी गई. टॉयलेट साफ करना और बर्तन धोने का काम कराया जाता था. लगातार 14 से 15 घंटे ड्यूटी ली जाती थी. बदले में न तो वेतन मिलता था और न ही खाने के पैसे. हालत इतने बदतर हो गए थे कि कई बार उन्हें लगातार चार-चार दिन भूखा रहना पड़ा. कई बार ऐसा लगने लगा था कि वो मर जाएं या सुसाइड कर लें.
दूसरे भारतीय बने फरिश्तापीड़ित ने बताया कि जब कंपनी और एजेंट ने मदद करने से इनकार करके नंबर तक ब्लॉक कर दिया, तब वहां मौजूद दूसरे भारतीयों ने फरिश्ता बनकर उनकी मदद की. मस्कट के रहने वाले नवाब भाई ने खाने के लिए पैसे दिए और मोहम्मद खलील अहमद ने डेढ़ महीने तक उनको अपने घर पर रखा.
भारतीय दूतावास की मदद से आखिरकार ढाई महीने की मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलने के बाद फैजान की सुरक्षित वतन वापसी हो पाई. यह घटना उन तमाम लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो विदेश जाने के नाम पर बिना पूरी जांच-पड़ताल किए एजेंट्स के जाल में फंस जाते हैं.
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