रिपोर्ट: जियानी इन्फैन्टिनो ने अहम समर्थन के बदले मोरक्को को 2030 विश्व कप फाइनल की मेजबानी की पेशकश की
सुनीता शर्मा August 06, 2026 08:45 AM

रिपोर्टों के अनुसार, फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने कथित तौर पर मोरक्को को 2030 विश्व कप फाइनल की मेजबानी का अधिकार देने का प्रस्ताव रखा है। भारी दबाव में घिरे इन्फैन्टिनो पर आरोप है कि उन्होंने यह पेशकश उस समय की, जब निजी निवेशकों को टूर्नामेंट में हिस्सेदारी बेचने की उनकी योजना ध्वस्त होने के बाद उन्हें तीखी आलोचना और तत्काल इस्तीफे की बढ़ती मांगों का सामना करना पड़ रहा है, और वह सार्वजनिक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

रबात में संकट वार्ता

इन्फैन्टिनो इस समय मोरक्को में हैं, जहां वह फीफा अधिकारियों के साथ संकट बैठकें कर रहे हैं। अभूतपूर्व विरोध के बीच वह अपने पद पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

द मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दबाव में आए अध्यक्ष ने मोरक्को से वादा किया है कि 2030 विश्व कप का फाइनल मैड्रिड के सैंटियागो बर्नाबेउ के बजाय कासाब्लांका के नए 115,000 क्षमता वाले हसन द्वितीय स्टेडियम में आयोजित कराया जाएगा।

बताया गया है कि यह असाधारण प्रस्ताव एक सख्त शर्त के साथ जुड़ा है: उत्तर अफ्रीकी देश को जारी संकट के दौरान सार्वजनिक रूप से इन्फैन्टिनो का समर्थन करना होगा।

एक अहम गठजोड़

मोरक्को, जो 2030 टूर्नामेंट की सह-मेजबानी स्पेन और पुर्तगाल के साथ करेगा, विश्व फुटबॉल के शीर्ष पर इन्फैन्टिनो के एक दशक के कार्यकाल के दौरान उनके सबसे मजबूत और भरोसेमंद सहयोगियों में रहा है। अब फीफा प्रमुख के लिए उनका समर्थन बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब 2034 संस्करण के मेजबान सऊदी अरब से उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है और इस कमी को लेकर वह कथित तौर पर गहरी चिंता में हैं।

इन्फैन्टिनो की यह हताश राजनीतिक चाल ठीक उसी समय सामने आई है, जब प्रतियोगिता में हिस्सेदारी बेचने की उनकी अत्यधिक विवादित योजना पूरी तरह बिखर गई है, जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता गंभीर रूप से कमजोर पड़ गई है।

फिगो और वेंगर ने उठाई आवाज

कथित राजनीतिक सौदेबाजी ने तीखी आलोचना को जन्म दिया है और इससे फीफा के भीतर बढ़ता विद्रोह और तेज हो गया है। कई प्रमुख अधिकारियों ने पहले ही इस रद्द की गई व्यावसायिक रणनीति से सार्वजनिक दूरी बना ली है। लुईस फिगो ने इन्फैन्टिनो पर कड़ा हमला बोलते हुए उनके तत्काल पद छोड़ने की मांग की। फिगो ने उनके आचरण को “सबसे निम्न, सबसे छलपूर्ण और कायरतापूर्ण स्वार्थ से प्रेरित व्यवहार” बताया और कहा कि इन्फैन्टिनो ने अपने पद की गरिमा गिरा दी है और “उन्हें जाना चाहिए। अभी।”

उधर, फीफा के वैश्विक फुटबॉल विकास प्रमुख आर्सेन वेंगर ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उन्हें इस रणनीतिक योजना से पूरी तरह बाहर रखा गया था। वेंगर ने कहा, “इस परियोजना को वापस लेने का फैसला पूरी तरह आवश्यक था और इस पर कोई सवाल नहीं उठता, क्योंकि मैं एक स्वतंत्र फीफा में दृढ़ विश्वास रखता हूं, जो हमारे खेल की सेवा प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करे।”

फीफा के लिए आगे क्या?

इन्फैन्टिनो के सामने अब बेहद निर्णायक कुछ सप्ताह हैं, क्योंकि वह अपने अध्यक्ष पद पर अब तक के सबसे बड़े खतरे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। यूईएफए और विभिन्न सदस्य संघों से दबाव और बढ़ने की उम्मीद है, जो संभावित रूप से अविश्वास प्रस्ताव की मांग तक पहुंच सकता है। मोरक्को इस कथित फाइनल पेशकश को स्वीकार करेगा या बढ़ते विद्रोह का हिस्सा बनेगा, यह अभी देखना बाकी है, लेकिन फीफा का निकट भविष्य गहरे विभाजन से घिरा हुआ दिखाई दे रहा है।

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