‘सबसे घटिया और सबसे कपटी आचरण’ - लुईस फिगो ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो से तत्काल इस्तीफे की मांग की
सुनीता शर्मा August 06, 2026 09:28 AM

लुईस फिगो ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो पर तीखा हमला बोलते हुए विश्व कप को निजी निवेशकों को बेचने की कथित चाल के कारण उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। पुर्तगाल के इस महान खिलाड़ी ने एक कड़े खुले पत्र में विवादित प्रमुख की जमकर आलोचना की और उनके कदमों को बेहद कपटपूर्ण बताते हुए उन पर फुटबॉल की समग्र प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

विश्व कप साजिश को लेकर फिगो ने इन्फैन्टिनो के इस्तीफे की मांग की

फिगो ने फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज परियोजना के ध्वस्त होने के बाद इन्फैन्टिनो की कड़ी निंदा की, जिससे फीफा अध्यक्ष अपनी कुर्सी बचाने की लड़ाई में घिर गए हैं। बुधवार को डेली मेल के लिए लिखे अपने तीखे लेख में फिगो ने इन्फैन्टिनो से तुरंत पद छोड़ने को कहा।

यह गंभीर विवाद विश्व कप को निजी इक्विटी निवेशकों को बेचने की एक विवादास्पद योजना से पैदा हुआ है। फिगो का दावा है कि यह कदम इन्फैन्टिनो के लिए सालाना 30 मिलियन डॉलर की लाभदायक नौकरी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इन्फैन्टिनो अपनी स्थिति बचाने के लिए मोरक्को में आपातकालीन संकट वार्ता की जल्दबाजी में अध्यक्षता कर रहे हैं, वहीं फिगो ने मौजूदा नेतृत्व को लेकर अपनी भावना पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि जो व्यक्ति खुद को समृद्ध करने में लगा हो, उसका फुटबॉल में कोई स्थान नहीं है।

तीखे खुले पत्र ने कपटपूर्ण व्यवहार को उजागर किया

हालिया उथल-पुथल और फीफा नेतृत्व की पूरी पारदर्शिता की कमी का आकलन करते हुए पुर्तगाली दिग्गज ने अपने शब्दों में कोई नरमी नहीं बरती। सामने आए इस घोटाले पर गहरा अविश्वास जताते हुए फिगो ने लिखा: “पिछले 10 दिनों में जो कुछ मैंने उजागर होते देखा है, वह सबसे घटिया, सबसे कपटी और स्वार्थ से भरा कायरतापूर्ण व्यवहार है, जिसका मैंने अपने जीवन में कभी सामना नहीं किया।”

गुप्त समझौते की बेतुकापन को रेखांकित करते हुए उन्होंने पूछा: “अगर यह योजना इतनी सीधी-सादी और स्पष्ट रूप से फायदेमंद थी, तो फिर इस बात को ईमानदारी से क्यों नहीं बताया गया कि इसके अंत में आपको सालाना 30 मिलियन डॉलर की नौकरी मिलने वाली थी?”

उन्होंने इन्फैन्टिनो पर “भयानक स्वार्थ के शासन” की देखरेख करने का भी आरोप लगाया और कहा: “इन्फैन्टिनो ने फीफा अध्यक्ष के उस पद की गरिमा गिरा दी है, जिसे ऊंचा उठाने का उन्होंने वादा किया था। उन्होंने झूठ बोला, धोखा दिया और जिस खेल की सेवा करना उनका दायित्व है, उसी की कीमत पर अपनी जेब भरने की कोशिश की।”

फीफा भंडार के दुरुपयोग और ब्लैकमेल के आरोप

रियल मैड्रिड के पूर्व विंगर ने इन्फैन्टिनो पर धन के घोर कुप्रबंधन और माफिया जैसी नेतृत्व शैली को लेकर भी निशाना साधा। निजी इक्विटी की इस कथित बेचैनी पर फिगो ने लिखा: “मेरा मतलब शुरुआत के लिए फीफा के भंडार में मौजूद 5 बिलियन डॉलर से है। इस गंदे और परदे के पीछे चलाए गए षड्यंत्र में उससे कितने शेयर खरीदे जा सकते थे? सभी! इसलिए आखिरकार बाहरी निवेश की कोई जरूरत ही नहीं है।”

उन्होंने जॉर्डन फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा उठाए गए गंभीर आरोपों का भी उल्लेख किया और कहा कि यह बिल्कुल भी चौंकाने वाली बात नहीं है कि इन्फैन्टिनो अपने शासन को जारी रखने के लिए नामांकन पत्र हासिल करने की खातिर उनकी फंडिंग में रुकावट डाल रहे हैं।

इन्फैन्टिनो और फीफा के लिए आगे क्या?

अब इन्फैन्टिनो मोरक्को में एक बेहद अहम शिखर बैठक में जाएंगे, जहां वे बढ़ते वैश्विक आक्रोश के बीच बचे हुए फीफा अधिकारियों को अपने समर्थन पर कायम रहने के लिए मनाने की बेताबी में होंगे। हालांकि, इस तरह की सार्वजनिक निंदा के बाद इस अभूतपूर्व संकट से उनका बच निकलना लगातार कठिन दिखाई दे रहा है। अगर और राष्ट्रीय महासंघ आधिकारिक रूप से अपना महत्वपूर्ण समर्थन वापस ले लेते हैं, तो इन्फैन्टिनो को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, जिससे आपातकालीन अध्यक्षीय चुनाव का रास्ता खुल जाएगा।

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