Car AC in Rain: बरसात के मौसम में कार चलाते समय सबसे बड़ी परेशानी शीशों पर धुंध या ओस जमने की होती है. कई लोग इसे साफ करने के लिए बार बार शीशा पोंछते हैं, जबकि इसकी जरूरत नहीं पड़ती. अगर कार का एसी सही तापमान और सही मोड पर चलाया जाए, तो कुछ ही मिनटों में विंडशील्ड पूरी तरह साफ हो सकती है. आइए जानते हैं बारिश के मौसम में कार का एसी किस तरह इस्तेमाल करना चाहिए.
बारिश के मौसम में कार के बाहर की हवा ठंडी और अंदर की हवा गर्म व नमी वाली होती है. जब दोनों के तापमान में अंतर आता है, तो विंडशील्ड और खिड़कियों पर धुंध जमने लगती है. इससे सामने का रास्ता साफ दिखाई नहीं देता और ड्राइविंग जोखिम भरी हो सकती है.
बारिश के दौरान कार का एसी बहुत ज्यादा ठंडा रखने की जरूरत नहीं होती. सामान्य तौर पर 22 से 24 डिग्री सेल्सियस का तापमान आरामदायक माना जाता है. इससे केबिन भी ठंडा रहता है और शीशों पर जमी नमी भी जल्दी हट जाती है. बहुत कम तापमान रखने से केबिन जरूरत से ज्यादा ठंडा हो सकता है.
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अगर विंडशील्ड पर धुंध जम गई है, तो कार में दिए गए फ्रंट डिफॉगर फीचर का इस्तेमाल करें. यह हवा को सीधे सामने के शीशे पर भेजता है और कुछ ही समय में धुंध साफ कर देता है. नई कारों में यह फीचर लगभग सभी मॉडल्स में मिलता है.
कई लोग बारिश शुरू होते ही एसी बंद कर देते हैं. ऐसा करने से कार के अंदर नमी बढ़ने लगती है और शीशों पर धुंध जल्दी जम जाती है. इसलिए हल्की बारिश हो या तेज, एसी चालू रखना बेहतर माना जाता है.
अगर कार के अंदर ज्यादा नमी महसूस हो रही है, तो कुछ समय के लिए फ्रेश एयर मोड का इस्तेमाल करें. इससे बाहर की ताजी हवा अंदर आएगी और केबिन की नमी कम होगी. लगातार रीसर्कुलेशन मोड पर चलाने से कई बार धुंध जल्दी बन सकती है.
बारिश में वाइपर अच्छी स्थिति में होने चाहिए. शीशों को अंदर और बाहर दोनों तरफ से साफ रखें. एसी और डिफॉगर का सही इस्तेमाल करें, और अगर सामने का रास्ता साफ नहीं दिख रहा है, तो पहले शीशा साफ होने दें, उसके बाद ही गाड़ी आगे बढ़ाएं. सही तरीके से एसी चलाने पर ड्राइविंग ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बन जाती है.
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