Aaj Ka Meen Rashifal 11 September 2026: 11 सितंबर 2026, शुक्रवार के दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि (पिठोरी/सर्वपितृ अमावस्या) रहेगी. प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार आज दोपहर तक पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के उपरांत उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. आज ग्रहों के गोचर से बनने वाले वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग और विशेष रूप से साध्य योग का अत्यंत शुभ प्रभाव मिलेगा.
चंद्रमा आज शाम 07:08 बजे तक सिंह राशि में संचार करेंगे, जहां चंद्रमा-केतु का ग्रहण दोष प्रभावशील रहेगा, उसके बाद चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. चंद्रमा आपकी राशि से 6ठे भाव (षष्ठम भाव यानी रोग मुक्ति, ऋण निवारण, शत्रु विजय, प्रतिस्पर्धा, सेवा व कार्यकुशलता स्थान) में गोचर कर रहे हैं. 6ठे चंद्रमा के शुभ प्रभाव से आज आपको लंबे समय से चली आ रही किसी पुरानी बीमारी, शारीरिक व्याधि या स्वास्थ्य कष्ट से हमेशा के लिए छुटकारा मिलेगा. आज शुभ कार्यों के लिए दो शुभ मुहूर्त रहेंगे, पहला सुबह 07:15 से 08:45 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया तथा दूसरा दोपहर 12:15 से 01:30 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. वहीं सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज पश्चिम दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ रहेगा.
व्यापारिक दृष्टि से आज का दिन मीन राशि के जातकों के लिए नए ऑर्डर्स की भरमार, सकारात्मक मनोदशा और नेटवर्किंग को निखारने का रहेगा. साध्य योग के शुभ प्रभाव से बिजनेसमैन के लिए आज का दिन पूरी तरह शानदार और मुनाफे से भरा साबित होगा; पुराने ऑर्डर्स की सफलतापूर्वक डिलीवरी के साथ-साथ बाजार से नए और बड़े ऑर्डर्स मिलने के जबर्दस्त चांसेज बनेंगे. बिजनेसमैन को अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स (संवाद शैली) को और अधिक बेहतर व प्रभावी बनाने पर विशेष फोकस करना चाहिए, जिससे आप बाजार के ज्यादा से ज्यादा नए ग्राहकों और डीलर्स के साथ मजबूत संपर्क स्थापित कर सकें. ग्रहों की अनुकूल स्थिति को देखते हुए व्यापारी आज अंदर से पूरी तरह आनंदित, ऊर्जावान और तनावमुक्त रहेंगे; आपके इस सकारात्मक आनंद और आत्मविश्वास के आगे बाजार की किसी भी प्रकार की नकारात्मक सोच (Negative Thinking) का प्रहार पूरी तरह निष्फल साबित होगा.
नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन करियर में छलांग लगाने, कार्यशैली की प्रशंसा पाने और अनुशासन सिद्ध करने का रहेगा. आप अपने करियर में लगातार उन्नति और प्रगति की ओर अग्रसर रहेंगे; इसी दौरान कार्यक्षेत्र से जुड़े किसी बेहद नजदीकी मित्र से अचानक सुखद मुलाकात होगी, जिससे मन को बहुत अधिक सुकून और नई प्रेरणा मिलेगी. एंप्लॉयड पर्सन के द्वारा की गई पूर्व की कड़ी मेहनत आज संस्थान को भारी लाभ और व्यावसायिक सफलता के रूप में प्राप्त होगी; आपकी इस उपलब्धि की ऑफिस में सीनियर्स से लेकर सहकर्मी तक सभी लोग मुक्तकंठ से प्रशंसा करते नजर आएंगे. कार्यरत जातकों को आज अपनी प्रभावी कार्यशैली के साथ-साथ उत्कृष्ट अनुशासन सिद्ध करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा, जिससे आप एक साधारण, संतोषजनक और व्यवस्थित दिन बिता पाएंगे; कार्यक्षेत्र में हर प्रकार की खुशहाली के स्पष्ट संकेत हैं.
पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से आज का दिन आर्थिक व भावनात्मक लाभ, शांति और अपनों के साथ का रहेगा. आपको अपने माता-पिता (Parents) और ससुराल पक्ष के लोगों से कोई बड़ा आर्थिक या व्यक्तिगत लाभ प्राप्त हो सकता है. बच्चों और अपने लवर के साथ कुछ फुर्सत का समय व्यतीत करने से दिनभर का मानसिक सुकून और आंतरिक शांति बनी रहेगी. हालांकि, मीन राशि के युवा जातकों को अपने जोश और आवेश पर कड़ा नियंत्रण रखना चाहिए; तैश या उत्तेजना में आकर किसी भी प्रकार के विवादित या झगड़ालू मामलों में कतई न उलझें.
प्रतियोगी और सामान्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों (Competitive & General Students) के लिए आज का दिन बौद्धिक विजय का रहेगा. पढ़ाई के दौरान जिन कुछ विषयों को लेकर आपके मन में भय था या जो विषय आपको बहुत ही कठिन और पेचीदा लगते थे, उन कठिन विषयों की गुत्थियों को सुलझाने और उन पर पकड़ मजबूत करने में अब आपको पूर्ण सफलता प्राप्त होगी.
षष्ठम भाव में चंद्रमा के संचरण से पुरानी शारीरिक समस्याओं और रोगों से निश्चित राहत मिलेगी, जिससे ऊर्जा का स्तर बढ़ेगा. हालांकि, शाम 07:08 बजे तक चंद्रमा-केतु के ग्रहण दोष के कारण युवाओं को आवेश और जल्दबाजी से बचना होगा ताकि चोट-चपेट या बीपी की समस्या न हो. शुक्रवार के दिन हल्का, सुपाच्य और सात्विक आहार लें, प्रचुर मात्रा में पानी पिएं, नियमित रूप से योग व ध्यान (Meditation) का अभ्यास करें और अपनी दिनचर्या को अनुशासित रखें.
शुभ रंग: पिंक (गुलाबी)
शुभ अंक: 5
अशुभ अंक: 3
आज का उपाय: शुक्रवार व भाद्रपद अमावस्या के पावन अवसर पर तांबे या पीतल के लोटे में जल, थोड़ा सा कच्चा दूध, काले तिल, गंगाजल, हल्दी व पीले पुष्प डालकर शिवलिंग पर 'ॐ नमः शिवाय' और 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें. शाम 07:08 बजे तक चंद्रमा-केतु के ग्रहण दोष के शमन के लिए पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें. कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें और किसी जरूरतमंद को फल, चने की दाल, बेसन की मिठाई या भोजन का दान करें; इससे 6ठे चंद्रमा से रोग व शत्रुओं का नाश होगा, साध्य योग से नए व्यापारिक ऑर्डर्स मिलेंगे, करियर में खुशहाली आएगी और ससुराल व माता-पिता से लाभ होगा.
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