Google पर 15 सितंबर भी खोज रहे लोग, आखिर गणेश चतुर्थी 14 को है या 15 को?
Hirdesh Kumar Singh September 12, 2026 06:12 PM

Ganesh Chaturthi 2026 Date: गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही गूगल पर इसकी सही तारीख को लेकर खोज बढ़ गई है. कोई 14 सितंबर बता रहा है तो कुछ वेबसाइट और ऑनलाइन कैलेंडर में 15 सितंबर लिखा दिखाई दे रहा है.

इससे सबसे बड़ा सवाल यही है कि गणपति की स्थापना सोमवार को की जाए या मंगलवार को. पंचांग की गणना समझें तो इस भ्रम का जवाब साफ है, साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी.

15 सितंबर को लेकर भ्रम क्यों?

पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी. यानी चतुर्थी तिथि अंग्रेजी कैलेंडर की दोनों तारीखों में मौजूद रहेगी.

यही कारण है कि केवल चतुर्थी की समाप्ति का समय देखने वाले लोग 15 सितंबर को भी गणेश चतुर्थी मान रहे हैं. कुछ विदेशी वेबसाइट और डिजिटल कैलेंडर भी पर्व की तारीख 15 सितंबर दिखा रहे हैं. इसी वजह से गूगल पर Ganesh Chaturthi 2026 September 15 जैसी खोज दिखाई दे रही है.

लेकिन किसी पर्व की तारीख केवल यह देखकर तय नहीं होती कि तिथि किस अंग्रेजी तारीख तक मौजूद है. उस पर्व से जुड़े पूजा काल को भी देखा जाता है.

गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को ही क्यों?

गणपति की स्थापना और मुख्य पूजा के लिए मध्याह्न काल को विशेष माना जाता है. 14 सितंबर को चतुर्थी तिथि सुबह 7:06 बजे शुरू होने के बाद पूरे मध्याह्न काल में मौजूद रहेगी. वहीं 15 सितंबर को यह तिथि सुबह 7:44 बजे ही समाप्त हो जाएगी. उस दिन मध्याह्न आने से काफी पहले चतुर्थी समाप्त हो चुकी होगी.

इसलिए मध्याह्नव्यापिनी चतुर्थी का नियम 14 सितंबर के पक्ष में जाता है. इसी आधार पर गणेश चतुर्थी और गणेशोत्सव की शुरुआत सोमवार, 14 सितंबर को मानी गई है.

गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली के लिए गणपति स्थापना और मध्याह्न पूजा का शुभ समय 14 सितंबर को सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा. पूजा के लिए करीब 2 घंटे 28 मिनट का समय मिलेगा.

शहर बदलने के साथ सूर्योदय और मध्याह्न काल भी बदलता है. इसलिए मुंबई, पुणे, भोपाल, जयपुर, लखनऊ या किसी अन्य शहर में रहने वाले लोग अपने स्थान का पंचांग देखकर मुहूर्त तय करें. देशभर में मुख्य पर्व की तारीख 14 सितंबर ही रहेगी, लेकिन पूजा के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है.

क्या 15 सितंबर को गणपति स्थापना कर सकते हैं?

गणेश चतुर्थी की मुख्य स्थापना 14 सितंबर को करना उचित रहेगा. 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक चतुर्थी तिथि जरूर रहेगी, लेकिन गणेश पूजा के लिए मान्य मध्याह्न काल उस दिन चतुर्थी में नहीं मिलेगा.

अगर बीमारी, यात्रा या किसी आपात स्थिति के कारण 14 सितंबर को पूजा संभव न हो तो अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पुरोहित की सलाह लेना बेहतर होगा. केवल इंटरनेट कैलेंडर में 15 सितंबर की तारीख देखकर मुख्य स्थापना अगले दिन के लिए टालना सही नहीं होगा.

14 सितंबर को हरतालिका तीज भी

इस बार तारीख को लेकर भ्रम बढ़ने का एक कारण हरतालिका तीज भी है. तृतीया तिथि 13 सितंबर को शुरू होकर 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे तक रहेगी. इसके तुरंत बाद चतुर्थी आरंभ हो जाएगी. इस कारण 14 सितंबर को सुबह हरतालिका तीज का व्रत और इसके बाद गणपति स्थापना की जाएगी.

दोनों पर्व एक ही अंग्रेजी तारीख पर हैं, लेकिन इनकी तिथियां और पूजा के समय अलग हैं. इसलिए हरतालिका पूजन और गणपति स्थापना को एक-दूसरे का विकल्प नहीं समझना चाहिए.

चंद्र दर्शन से कब बचें?

गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से बचने की धार्मिक मान्यता है. नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को सुबह लगभग 9:06 बजे से रात 8:04 बजे तक चंद्र दर्शन से बचने का समय बताया गया है. स्थान के अनुसार इसमें बदलाव संभव है.

तारीख नोट कर लें

  • गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर 2026, सोमवार
  • चतुर्थी आरंभ: 14 सितंबर, सुबह 7:06 बजे
  • चतुर्थी समाप्त: 15 सितंबर, सुबह 7:44 बजे
  • दिल्ली में पूजा मुहूर्त: सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 बजे
  • मुख्य गणेश विसर्जन: 25 सितंबर 2026

इसलिए गूगल या किसी ऑनलाइन कैलेंडर में 15 सितंबर दिखाई देने पर भ्रमित न हों. चतुर्थी अगले दिन सुबह तक जरूर रहेगी, लेकिन बप्पा के स्वागत, स्थापना और गणेशोत्सव की शुरुआत की सही तारीख 14 सितंबर 2026 है. तारीख दो दिख सकती हैं, लेकिन गणपति स्थापना का दिन एक ही है.

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