UPI में AI के नए सिस्टम पर लगी रोक, NPCI ने क्यों लिया ये फैसला?
शैलजा पांडे September 13, 2026 03:12 AM

सोचिए आप किसी AI असिस्टेंट से कहते हैं कि हर महीने का मोबाइल रिचार्ज, बिजली का बिल या किराने का सामान वो खुद खरीद दे. AI आपकी बात समझे और आपके UPI अकाउंट से पेमेंट भी कर दे. डिजिटल पेमेंट की दुनिया में ऐसा सिस्टम तैयार करने की दिशा में काम चल रहा है.

लेकिन इस सुविधा को लागू करने से पहले NPCI ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर फोकस किया है. AI एजेंट को सीधे पेमेंट करने की अनुमति देने वाले प्रस्तावित सिस्टम को फिलहाल सेफगार्ड्स तैयार करने के लिए रोका गया है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि AI से होने वाली गलती, गलत निर्देश या साइबर फ्रॉड की स्थिति में यूजर के पैसे सुरक्षित रहें.  

क्या है UPI का AI सिस्टम?
NPCI एक ऐसे फ्रेमवर्क पर काम कर रहा है जिसमें AI एजेंट यूजर की तरफ से छोटे और नियमित पेमेंट कर सकेगा. जैसे अभी UPI में सारा पेमेंट यूजर को खुद करना पड़ता है. नए सिस्टम में यूजर पहले से AI को अधिकार दे सकता है और AI उसके लिए पेमेंट कर सकता है. आप AI को कह सकते हैं कि हर महीने मोबाइल रिचार्ज कर देना या बिजली का बिल समय पर भर देना. इसी को UAP से जोड़ा जा रहा है.

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NPCI ने क्यों लगाया ब्रेक?
ब्रेक लगाने की सबसे बड़ी वजह सुरक्षा है. AI इंसान की तरह सिर्फ निर्देशों का पालन नहीं करता है बल्कि फैसले भी ले सकता है. ऐसे में अगर AI ने गलत फैसला ले लिया या गलत रकम भेज दी या किसी साइबर हमले का शिकार बना दिया तो नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी, ये बड़ा सवाल है.

इसीलिए NPCI एआई एजेंट को UPI सिस्टम से जोड़ने से पहले मजबूत पहचान, ऑथराइजेशन और निगरानी की तैयार करना चाहता है. NPCI AI एजेंट्स की पहचान और निगरानी के लिए एक रजिस्ट्री तैयार कर रहा है.  

Rogue AI का खतरा क्यों है?
AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ Rogue AI यानी ऐसा AI जो गलत तरीके से काम करे, ये चिंता बन गया है. मान लीजिए आपने AI को हर महीने 1000 तक का पेमेंट करने को कहा है. लेकिन किसी तकनीकी खामी या साइबर अटैक के कारण AI गलत पेमेंट करने की कोशिश कर सकता है और हो सकता है कि 1000 की जगह आपके 10000 खाली हो जाएं.

इसी लिए AI के फैसलों में गलती होने पर ये तय करना भी जरूरी है कि नुकसान के लिए AI डेवलपर, बैंक, पेमेंट ऐप या यूजर में से कौन जिम्मेदार होगा.

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