बम से लेकर मिसाइल तक सब बेअसर! इस कार के साथ BRICS पहुंचे पुतिन
क़मरजहां September 13, 2026 04:12 AM

BRICS शिखर सम्मेलन के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर 2026 को दिल्ली पहुंचे. उनके भारत दौरे के दौरान सिर्फ राजनीतिक बैठक और सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि उनकी खास सुरक्षा गाड़ियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा. पुतिन की सेफ्टी के लिए इस्तेमाल होने वाली बख्तरबंद लिमोजिन को बेहद मजबूत सुरक्षा वाहन के तौर पर जाना जाता है. पुतिन 2018 से ऑरस सीनेट इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पद के लिए मर्सिडीज-बेंज S 600 गार्ड पुलमैन का इस्तेमाल किया जाता था.

पुतिन जैसे हाई-प्रोफाइल नेता की सेफ्टी के लिए नॉर्मल कार की जगह बेहद सेफ और भारी सुरक्षा वाली गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है. उनकी कार को Aurus Senat लिमोजिन के नाम से जाना जाता है. यह एक बख्तरबंद कार है, जिसे गोलीबारी, विस्फोट और दूसरे सुरक्षा खतरों से बचाने के लिए तैयार किया गया है. इतना ही नहीं पुतिन के काफिले में ऐसी कारों और सुरक्षा गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा को कई स्तरों पर मजबूत रखा जा सके.

पुतिन की खास कार क्यों है चर्चा में?

पुतिन की बख्तरबंद लिमोजिन की सबसे खास बात इसकी सुरक्षा है. कार के बॉडी पैनल और शीशों को इस तरह तैयार किया जाता है कि वे गोलीबारी जैसे खतरों से सुरक्षा दे सकें. इसका उद्देश्य किसी हमले की स्थिति में कार के अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित रखना है. अलग-अलग हालातों में कार की सेफ्टी को लेकर अलग-अलग दावे मिलते हैं. गाड़ी की खिड़कियों में कई सेंटीमीटर मोटे, मल्टी-लेयर बुलेट-रेसिस्टेंट ग्लास का इस्तेमाल किया गया है. इतना ही नहीं इसमें रन-फ्लैट टायर, दमदार फ्यूल टैंक और धमाकों से बचाने के लिए अंडरबॉडी प्रोटेक्शन भी है. 


इस तरह की सुरक्षा कारों को सड़क पर होने वाले गंभीर हमलों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है. कार का मजबूत ढांचा और विशेष सुरक्षा तकनीक विस्फोट या बारूदी सुरंग जैसे खतरों से बचाव में मदद करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं. इस वजह से इसे सिर्फ लग्जरी लिमोजिन नहीं, बल्कि एक तरह की चलती-फिरती सुरक्षा व्यवस्था माना जाता है.

कार के अंदर भी खास सुरक्षा इंतजाम

पुतिन के काफिले की सुरक्षा केवल कार की बॉडी तक सीमित नहीं रहती. उनकी यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में खाने की जांच के लिए विशेष लैब, अलग-अलग सुरक्षा दल और अन्य बैकअप इंतजाम भी शामिल हैं. दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान भी रूसी सुरक्षा दल पहले से मौजूद रहे और पुतिन के लिए आने वाले कुछ वाहन रूस से विमान के जरिए भारत लाए गए.

सिर्फ कार नहीं, पूरा काफिला होता है खास

पुतिन की सुरक्षा के दौरान एक ही कार पर निर्भर रहने के बजाय पूरा काफिला तैयार किया जाता है. इसमें कई सुरक्षा वाहन और बैकअप गाड़ियां शामिल होती हैं. इसका मकसद यह होता है कि किसी भी अचानक पैदा होने वाले खतरे की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था तुरंत काम कर सके. दिल्ली में BRICS सम्मेलन के दौरान विदेशी नेताओं की सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड तैयार किया गया था.


पुतिन का 'फ्लाइंग क्रेमलिन' भी पहुंचा भारत

पुतिन की सुरक्षा सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है. वह रूस के विशेष Ilyushin Il-96-300PU विमान से भारत पहुंचे, जिसे कई रिपोर्टों में 'Flying Kremlin' या 'उड़ता किला' कहा गया है. इस विमान में सुरक्षित संचार और अन्य विशेष सुरक्षा सुविधाएं बताई जाती हैं. पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था में एक जैसे दो विमानों का इस्तेमाल करने की रणनीति भी अपनाई जाती है, जिससे असली विमान की पहचान करना मुश्किल हो.

इस तरह पुतिन के भारत दौरे में उनकी यात्रा के लिए जमीन और आसमान दोनों लेवल पर बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली. दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी बख्तरबंद लिमोजिन, विशेष विमान और सुरक्षा काफिला इस हाई-प्रोफाइल दौरे की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा रहे.

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