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गरुड़ पुराण हिन्दुओं का एक विशेष शास्त्र हैं जिसमे जीवन से लेकर मृत्यु तक के चक्र के बारे में जानकारी दी गई है और साथ ही इस बारे में भी बताया गया है कि हमें धर्म पर चलने के लिए क्या करना चाहिए। इसके अलावा इसमें शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति के बारे में भी कई निर्देश दिए गए है। गरुड़ पुराण में महिलाओं के मासिक धर्म यानी पीरियड्स को लेकर भी जानकारी दी गई है। जिन्हें ध्यान में रख कर महिलाऐं अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रख सकती है।
गरुड़ पुराण में महिला शारीरिक स्वास्थ्य और जीवन चक्र के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं.
गरुड़ पुराण के अनुसार पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में माना गया है।
गरुड़ पुराण कहता है कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को शारीरिक और मानसिक आराम की बहुत ही ज्यादा जरूरत होती है।
इस दौरान महिलाओं को शारीरिक थकान और मानसिक तनाव से बचने के लिए विश्राम की सलाह दी जाती है.
इस दौरान महिलाओं को पूजा पाठ या किसी आध्यात्मिक कार्य में भाग नहीं लेना चाहिए। हालाकिं वे ध्यान कर सकती है।
गरुड़ पुराण में पीरियड्स के दौरान महिलाओं को स्वच्छता का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
गरुड़ पुराण में महिला के मासिक धर्म को प्रकृति के नियमों के तहत एक महत्वपूर्ण घटना माना गया है, और इसे प्राकृतिक संतुलन के रूप में स्वीकार किया गया है.