मुंबई की लड़की ने काशी में खुद ढूंढा अपना मोबाइल, GPS से पहुंच गई चोर के घर; अस्सी घाट पर चोरी हुआ था
TV9 Bharatvarsh January 02, 2026 02:43 AM

29 दिसंबर 2025 की शाम को मुंबई से एक परिवार काशी के अस्सी घाट पर शाम की आरती देखने आया हुआ था. आरती देखने के बाद घाट से बाहर जाने के दौरान परिवार की एक सदस्य अंकिता के जैकेट से डेढ़ लाख रुपए का फोन किसी ने निकाल लिया. अंकिता को महसूस तो हुआ, लेकिन भीड़ बहुत ज्यादा होने की वजह से वो उस समय कुछ समझ नहीं पाई. कुछ समय बाद जब उसने जैकेट टटोला तो फोन नहीं था. उसने भाई के फोन से रिंग किया, लेकिन किसी ने उठाया नहीं. दो-तीन बार रिंग करने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया.

फिर शुरू हुआ अंकिता के जिद का इम्तिहान!

मुंबई के घाटकोपर निवासी उमेश गुप्ता की बेटी अंकिता गुप्ता, जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, उन्होंने टीवी9 डिजिटल को मोबाइल चोरी की पूरी कहानी बताई. उन्होंने बताया कि फोन के चोरी होने की बात के कन्फर्म होते ही वो भेलूपुर थाने पहुंचीं. थाने पर उन्होंने FIR लिखने के साथ ही फोन ट्रैकर के जरिए फोन ढूंढने के लिए कहा. पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज तो कर ली, लेकिन इसके बाद जांच की गति थम गई. मोबाइल का बिल, ईएमआई नंबर और अन्य दस्तावेज देने के बावजूद न तो लोकेशन ट्रेस की गई और न ही संदिग्ध इलाकों में छानबीन हुई.

ऐप से मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की

पुलिस की निष्क्रियता से निराश होकर अंकिता ने खुद तकनीक का सहारा लिया. एक ऐप के माध्यम से उन्होंने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जो बनारस स्टेशन दिखा रहा था. अंकिता ने पुलिस से कहा कि आप हमारे साथ बनारस स्टेशन चलकर छानबीन करिए, लेकिन पुलिस वाले ने कहा कि 100-200 मीटर इधर-उधर हो जाता है. बहुत सघन इलाका है, मिलना मुश्किल है. उसके बाद अंकिता ने खुद फोन ढूंढने का फैसला किया. कुछ समय बाद उसने फिर से ट्रैक करना शुरू किया. फोन लोकेशन लगातार एक ही स्थान पर दिखा रहा था.

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अंकिता रात 10 बजे अपने भाई और फूफा के साथ खुद उस लोकेशन पर पहुंच गईं. फिर पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन न तलाशी ली गई और न ही किसी को हिरासत में लिया गया. औपचारिकता निभाकर पुलिस लौट गई. अगले दिन मंगलवार की सुबह घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया. मोबाइल की लोकेशन जस की तस बनी रही. अंकिता दोबारा मौके पर पहुंचीं, जहां स्थानीय लोगों की मदद से जानकारी मिली कि संदिग्ध युवक चांदपुर चौराहा जीटी रोड स्थित एक मकान में किराए पर रहता है.

चोर के कमरे में मिले 20 मोबाइल फोन

कमरे का ताला खुलवाने पर अंदर 15 से 20 महंगे मोबाइल फोन मिले. उसमें तीन-चार आई फोन भी थे. अंकिता ने वहीं अपना आईफोन पहचान लिया, जबकि आरोपी फरार हो चुका था. स्थानीय लोगों और अंकिता के भाई के द्वारा पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने सारे फोन जब्त किए. पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइलों के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है. अंकिता अपने भाई और फूफा के साथ मुंबई वापस लौट गई हैं.

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हालांकि अंकिता ने अपने तकनीकी कौशल और जिद की वजह से न सिर्फ एस-23 अल्ट्रा जैसा महंगा फोन वापस पाया, बल्कि अपने हौंसले से ये भी साबित किया कि मुश्किल कुछ भी नहीं यदि ठान लिया जाए. स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्सी घाट और आसपास के क्षेत्रों में भारी भीड़ का लाभ उठाकर रोजाना कई मोबाइल चोरी की घटनाएं होती हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से कई गिरोह लंबे समय से सक्रिय हैं. पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए लोगों ने कहा कि जब पीड़ित सटीक लोकेशन और तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध करा रही थी, तब भी त्वरित कार्रवाई का न होना गंभीर चिंता का विषय है.

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