प्रयागराज में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। शंकराचार्य पिछले छह दिनों से अनशन पर हैं, और उनकी तबियत बिगड़ने की खबरें आ रही हैं। उनके अनुयायियों का कहना है कि उनकी जान को खतरा है। इस स्थिति को देखते हुए, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शिविर के अंदर और बाहर 12 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने कहा, 'यह हमारी मजबूरी है, क्योंकि शंकराचार्य सड़क पर बैठे हैं। यहां प्रशासन और उसके गुंडे हैं। संत के वेश में यहां शैतान घूम रहे हैं।' उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि रात में वीडियो बनाने आते हैं और पकड़े जाने पर कहते हैं कि नोटिस देने आए हैं। देवेंद्र पांडे ने बताया कि शंकराचार्य की तबियत अभी भी खराब है और उन्हें तेज बुखार है।
योगी आदित्यनाथ के कालनेमि वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा, 'कालनेमि कौन है? कालनेमि राक्षस था और साधु बनकर सामने दिखाई दे रहा था।' उन्होंने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की तारीफ की, जो भाजपा का प्रतिनिधित्व करते हैं। मौर्य ने कहा था कि वे शंकराचार्य के चरणों में प्रणाम अर्पित करते हैं।
इस विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'हमें खुशी है कि अविमुक्तेश्वरानंद डटे हुए हैं। एक एक सनातनी उनके साथ है।' इससे पहले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी शंकराचार्य से मुलाकात की थी।