मूंग दाल भारतीयों को सुपरफूड है क्योंकि पोषक तत्वों का भंडार होने के साथ-साथ ये लाइट वेट भी होती है. इसे कई तरीकों से खाया जाता है लेकिन भारत में इसे खाने का सबसे पुराना तरीका चावल के साथ खिचड़ी बनाना है. इस हरी दाल को और भी कई तरीकों से खाया जाता है. लेकिन अब लोग इसके स्प्राउट्स को ज्यादा खाते हैं. इसका बड़ा कारण सोशल मीडिया है. रील्स या वीडियो में स्प्राउट्स के कई फायदे बताए जाते हैं. वेट लॉस हो या डायबिटीज कंट्रोल करना हो, लोग ऐसे कई फायदों के लिए मूंग दाल को सुपरफूड मानते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट हो या डॉक्टर अमूमन हर कोई इसे बेहद फायदेमंद बताता है. पर क्या आपने कभी सोचा है शरीर के लिए बहुत फायदेमंद स्प्राउट्स को क्या हमें रोजाना खाना चाहिए.
ये एक हाई प्रोटीन फूड है इसलिए बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसे रोजाना खाना सही होता है या नहीं… ये जान लेना जरूरी है. स्प्राउट्स को सुपर हेल्दी फूड माना जाता है. पर इसे खाने के भी कई नियम हैं. सही मात्रा के अलावा मूंग दाल को खाने में कई चीजों का ख्याल रखना चाहिए. चलिए आपको बताते हैं कि इसे रोजाना खाना सही है या नहीं.?
मूंग दाल के तत्वप्रोटीन के लिए मूंग की दाल एक बड़ा सोर्स है इसलिए इसे हमारी मांसपेशियों, सेल्स और बॉडी की ग्रोथ के लिए बेस्ट माना जाता है. इस दाल में कार्ब्स, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन बी1, बी2, बी3 और बी9 (फोलेट) होता है. मिनरल्स की बात करें तो इसमें आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है. ये पेट के लिए वरदान है क्योंकि ये लाइट वेट फूड है. इसके अलावा ये दाल एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होती है.
मूंग दाल के स्प्राउट्स रोज खाने चाहिए या नहीं?सीनियर डाइटिशियन गीतिका चोपड़ा कहती हैं कि मूंग के स्प्राउट्स को 10 में से 10 नंबर दिए जा सकते हैं. लेकिन अगर किसी को यूरिक एसिड की प्रॉब्लम है तो उसे इस हाई प्रोटीन फूड को खाने से बचना चाहिए. ऐसे लोगों को एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह पर ही प्रोटीन इंटेक करना चाहिए. वैसे गीतिका चोपड़ा ने कहा कि प्रोटीन के इंटेक के लिए सिर्फ मूंग दाल पर फोकस करना ठीक नहीं है. आप बेसन, पनीर, टोफू, सोयाबीन के जरिए भी प्रोटीन ले सकते हैं. इसके अलावा जो नॉन वेजिटेरियन हैं उनके लिए अंडे और चिकन बेस्ट सोर्स हैं.
वैसे एक्सपर्ट सलाह देती हैं कि जो लोग नॉर्मल हैं यानी जिन्हें कोई मेडिकल प्रॉब्लम नहीं है वो मूंग दाल के स्प्राउट्स डेली खा सकते हैं. लेकिन अगर किसी को एसिडिटी या गैस बनती है तो उन्हें स्प्राउट्स को उबालकर खाना चाहिए. एक्सपर्ट के मुताबिक रोजाना 100 ग्राम स्प्राउट्स को खाना बेस्ट है लेकिन इसमें दूसरी चीजों मिक्स करके खाना चाहिए. दरअसल, विटामिन सी के जरिए प्रोटीन का ऑब्जर्वेशन बेहतर हो जाता है. इसलिए स्प्राउट्स में नींबू और खीरा को डालकर खाना चाहिए.
स्प्राउट्स को कब खाना चाहिएधर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन पायल शर्मा कहती है अगर आप डाइट में स्प्राउट्स लेते हैं तो इसे खाने में कुछ चीजों का खास ध्यान रखें. एक्सपर्ट कहती हैं कि अंकुरित मूंग को सुबह के समय खाना बेस्ट रहता है. उनके मुताबिक इस समय बॉडी का मेटाबॉलिज्म तेज होता है. इस वजह से इसमें मौजूद प्रोटीन और दूसरे तत्व बॉडी में ठीक से अवशोषित हो पाते हैं. दाल को पचाने के लिए फिजिकली एक्टिव रहना जरूरी है. इसलिए सुबह खाने के बाद एक्टिव रहकर दाल को पचाने में हेल्प मिलती है.
डाइटिशियन गीतिका चोपड़ा कहती हैं कि जिन्हें यूरिक एसिड की प्रॉब्लम हो उन्हें दाल या दूसरे प्रोटीन वाले फूड्स को एक्सपर्ट की सलाह पर ही खाना चाहिए. प्रोटीन के बढ़े हुए इंटेक के कारण हड्डियों या जोड़ों में दर्द और बढ़ जाता है. वैसे चीजों में सब्जियों को मिक्स करके खाना सबसे बेस्ट है.