उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है. अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस पर इसकी घोषणा की थी. गुरुवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है. इसके साथ ही शहरी विकास, परिवहन, औद्योगिक ढांचे और पुनर्वास से जुड़े कई अहम प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जाएंगे, जिनका असर प्रदेश के विकास और आम लोगों की सुविधाओं पर पड़ेगा.
यूपी सरकार ने टीचर्स की हेल्थ को लेकर बड़ा कदम उठाया है. कैबिनेट की बैठक में शिक्षकों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है. इस योजना का लाभ करीब 10 लाख लोगों को मिलेगा. इसमें बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डेन और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइया शामिल हैं. इससे इलाज के दौरान आर्थिक बोझ कम होगा और समय पर बेहतर मेडिकल सुविधा मिल सकेगी.
शहरी विकास और आधारभूत ढांचे पर जोरनगर विकास विभाग के तहत अमृत-2.0 योजना में गोरखपुर और वाराणसी के लिए बड़े प्रस्ताव रखे जाएंगे. गोरखपुर में सीवरेज योजना के लिए 721.40 करोड़ रुपये और वाराणसी में सीवर लाइन और घरों में कनेक्शन के लिए 266.49 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
इसके अलावा शहरी विज्ञापन नियमावली में संशोधन और उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति लागू करने का प्रस्ताव भी है, जिससे पुराने और जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ होगा. परिवहन विभाग में 351 नए पद सृजित करने, इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट की मंजूरी मिल सकती है.
ये भी पढ़ें-NEET PG-NEET MDS 2026 Date: नीट पीजी और नीट एमडीएस एग्जाम की तारीखों का ऐलान, अभी से करें तैयारी, यहां देखें शेड्यूल