विशाखापट्टनम में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारतीय चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने अपनी फिरकी का ऐसा जादुई जाल बुना कि कीवी टीम का मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया। कुलदीप ने अपने स्पैल के दौरान न केवल विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाने से रोका, बल्कि महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकालकर भारत की जीत सुनिश्चित की। इस मैच में कुलदीप ने 4 ओवरों में मात्र 22 रन देकर 4 बड़े विकेट झटके। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही कुलदीप यादव ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 150 विकेट पूरे कर लिए हैं। वे भारत की ओर से इस आंकड़े तक पहुँचने वाले सबसे तेज स्पिनर बन गए हैं।
कुलदीप की गेंदबाजी में आई इस घातक धार का मुख्य कारण उनकी गति में किया गया बदलाव है। मैच के बाद विशेषज्ञों ने विश्लेषण किया कि कैसे कुलदीप ने हवा में गेंद की गति को थोड़ा बढ़ाकर बल्लेबाजों को सोचने का समय नहीं दिया। उन्होंने न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर और खतरनाक ग्लेन फिलिप्स को अपनी गुगली पर चकमा देकर पवेलियन भेजा। कुलदीप की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि वे उपमहाद्वीप की पिचों पर आज भी दुनिया के सबसे कठिन स्पिनरों में से एक हैं। उनकी इस उपलब्धि पर टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच ने कहा कि कुलदीप अपनी गेंदबाजी पर लगातार मेहनत कर रहे हैं और हर मैच में कुछ नया लेकर आ रहे हैं।
यह जीत भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ इस सीरीज में अपनी अजेय बढ़त बरकरार रखी है। कुलदीप की फॉर्म आगामी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप के नजरिए से भारत के लिए सबसे बड़ी राहत है। मैच के दौरान विशाखापट्टनम के दर्शकों ने 'कुलदीप-कुलदीप' के नारों से स्टेडियम गुंजा दिया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कुलदीप को अपना मुख्य हथियार बताया है, जो किसी भी परिस्थिति में विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं। कुलदीप ने अपनी सफलता का श्रेय टीम के माहौल और रोहित शर्मा व विराट कोहली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों से मिले समर्थन को दिया है। अब भारतीय टीम की नजरें सीरीज के आखिरी मैच पर हैं, जहाँ कुलदीप एक बार फिर अपनी फिरकी से कीवी बल्लेबाजों को नचाने के लिए तैयार हैं।