Sports Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को संसद में 2026-27 के लिए बजट पेश किया. केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि भारत में पूरे खेल तंत्र को मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा. वित्त मंत्री ने एक बुनियादी ढांचे और जमीनी स्तर पर खेल विकास योजनाओं की घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास हाई-क्वालिटी वाले खेल सामानों का वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता है. उन्होंने खेल सामानों/उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने की बात कही. 2026-27 के लिए युवा मामलों और खेलों को करीब 45,482 करोड़ रुपये मिले हैं.
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खेलो इंडिया मिशन का प्रस्ताव रखा. 'खेलो इंडिया मिशन' का उद्देश्य अगले 10 सालों में भारतीय खेल इको सिस्टम को बदलना और उसमें सुधार लाना होगा. उन्होंने कहा कि अब भारत का ध्यान केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेल रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और आर्थिक वृद्धि का जरिया बन चुके हैं.
वित्त मंत्री ने बताया कि इस नए प्रोजेक्ट का उद्देश्य एथलीटों की प्रतिभा को एकीकृत तरीके से विकसित करना होगा. वहीं स्किल डेवलपमेंट की एक स्पष्ट प्रक्रिया तैयार की जाएगी, जिससे सभी स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों को सही संसाधन मिल सकें और उन्हें सही दिशा मिले. खिलाड़ियों की फिटनेस के लिए आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर तैयार किए जाएंगे. इसके अलावा सरकार ने कोचों और सपोर्ट स्टाफ के विकास पर भी जोर दिया है. खेलो इंडिया मिशन के तहत स्पोर्ट्स साइंस और खेलों में आधुनिक तकनीकों को लाने पर भी जोर दिया जाएगा.
खेलो इंडिया मिशन आने के बाद भारत में खेलों का सामान कुछ हद तक सस्ता हो जाएगा. बजट में 10 हजार करोड़ की राशि एसएमई (स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेस) को अलॉट की गई है. अनुमान है कि अब से क्रिकेट बैट और बॉल, स्पोर्ट्स किट, बैडमिंटन रैकेट, फुटबॉल आदि खेलों के समान सस्ते हो सकते हैं.
साफ-साफ समझें तो 2026-27 सत्र के लिए खेल बजट आने के बाद अगले 10 साल में भारत में खेल विकास पर काफी जोर दिया जाएगा. भारत में खेलों के समान की मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, एथलीटों की फिटनेस और प्रतिभा को बेहतर करने के साथ-साथ कोचों और सपोर्ट स्टाफ पर भी खासा जोर दिया जाएगा.