नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 ने ग्रामीण महिलाओं के लिए नई संभावनाएं प्रस्तुत की हैं। इस बजट में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर (शी-मार्ट्स) की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, जिसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाएं अब केवल ऋण-आधारित आजीविका तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपने व्यवसायों की मालिक बनकर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखेंगी। यह बजट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृष्टिकोण को भी मजबूती प्रदान करता है, जिसके तहत प्रदेश में तीन करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना चल रही है।
शी-मार्ट सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट होंगे, जिन्हें क्लस्टर-स्तरीय फेडरेशन के तहत विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एक संगठित, भरोसेमंद और स्थायी मंच प्रदान करना है। इसके लिए उन्नत और नवाचारी वित्तपोषण साधनों का उपयोग किया जाएगा, और केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर इस पहल को लागू करेगी।
लखपति दीदी की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, बजट में महिलाओं को ऋण-आधारित आजीविका से आगे बढ़ाकर उद्यमों का मालिक बनाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को बाजार, पूंजी और नेटवर्क तीनों स्तरों पर सहयोग मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इस बजट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस दृष्टिकोण को मजबूती मिलेगी, जिसके तहत आगामी वर्षों में प्रदेश में तीन करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की सबसे बड़ी मुहिम चल रही है। योगी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी के तहत एक वर्ष में एक करोड़ लखपति दीदी तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम हो रहा है।
कृषि और गैर-कृषि आजीविका की संभावनाओं के अनुसार महिलाओं को समूहों से जोड़ा जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत घर-घर संपर्क कर प्रशिक्षण, तत्काल पूंजी सहायता और मार्केट सपोर्ट उपलब्ध कराया जा रहा है। शी-मार्ट के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को सीधे बाजार में पहुंचाया जाएगा, जिससे वे दूसरों को रोजगार देने वाली उद्यमी बन सकेंगी।