News India Live, Digital Desk: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए बजट को 'जन-जन का बजट' बनाने के लिए उत्तर प्रदेश भाजपा ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी ने 2 फरवरी से 10 फरवरी तक एक विशेष जन-संपर्क अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बजट में उत्तर प्रदेश के लिए की गई बड़ी घोषणाओं जैसे कि नए रेल कॉरिडोर, हाई-स्पीड ट्रेन और सेमीकंडक्टर हब—की जानकारी सीधे मतदाताओं तक पहुँचाना है।अभियान का खाका: प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर चौपाल तकभाजपा ने इस अभियान को 'मल्टी-लेवल' पर डिजाइन किया है ताकि समाज का कोई भी वर्ग अछूता न रहे:चरणबद्ध प्रेस कॉन्फ्रेंस: 10 फरवरी तक उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पार्टी के वरिष्ठ नेता, कैबिनेट मंत्री और सांसद प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें बजट के उन बिंदुओं पर जोर दिया जाएगा जो सीधे आम आदमी की जेब और विकास से जुड़े हैं।सोशल मीडिया और पॉडकास्ट: आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए भाजपा नेता अब पॉडकास्ट और रील्स के जरिए युवाओं से जुड़ रहे हैं। 'बजट चर्चा' नाम से विशेष वीडियो सीरीज जारी की जा रही है।गांवों में चौपाल: ग्रामीण इलाकों में 'बजट चौपाल' का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ स्थानीय विधायक किसानों को बजट में खाद, बीज और सिंचाई के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी दे रहे हैं।इन 5 बड़ी उपलब्धियों पर रहेगा विशेष जोरपार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर मुख्य रूप से इन पांच बिंदुओं को हाईलाइट कर रहे हैं:वाराणसी-दिल्ली हाईस्पीड रेल: यूपी के बुनियादी ढांचे में क्रांति लाने वाली इस परियोजना का प्रचार।सेमीकंडक्टर हब (नोएडा): राज्य में आने वाले लाखों नए रोजगार के अवसरों पर चर्चा।महिला सशक्तिकरण (श्री मार्ट): महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई विशेष योजनाओं का विवरण।इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर: हर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आवंटित बजट।टैक्स में राहत: मध्यम वर्ग के लिए नई टैक्स व्यवस्था के फायदों को आसान भाषा में समझाना।संगठन की ताकत: सभी 6 मोर्चों को मिली जिम्मेदारीभाजपा के सभी छह मोर्चों (युवा, महिला, किसान, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक मोर्चा) को अलग-अलग समूहों के साथ संवाद करने का लक्ष्य दिया गया है।सम्मेलन: व्यापारी सम्मेलन, किसान गोष्ठी और युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों के जरिए बजट के विशिष्ट पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।विकसित भारत @2047: कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे जनता को समझाएं कि यह बजट कैसे भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की नींव रख रहा है।