इनˈ दो ब्लड ग्रुप वालों में सबसे अधिक आते हैं हार्ट अटैक के मामले आप आज से ही हो जाएं सावधानˌ
Himachali Khabar Hindi February 05, 2026 02:42 PM

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी दिल से जुड़ी बीमारियां खतरनाक रूप से आम हो गई हैं। खराब खान-पान, बढ़ता प्रदूषण और तनावपूर्ण जीवनशैली को अक्सर इसका मुख्य कारण माना जाता है।

लेकिन हाल ही में हुई एक बड़ी रिसर्च ने एक और महत्वपूर्ण पहलू पर रोशनी डाली है – आपका ब्लड ग्रुप। इस स्टडी में खुलासा हुआ है कि कुछ खास ब्लड ग्रुप वाले लोगों में दिल के दौरे का खतरा दूसरों की तुलना में ज़्यादा होता है।

A और B ब्लड ग्रुप वालों को है सबसे ज़्यादा खतरा

यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा की गई इस व्यापक रिसर्च में लगभग चार लाख लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। स्टडी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि ब्लड ग्रुप और हार्ट अटैक के बीच क्या संबंध है। नतीजे चौंकाने वाले थे।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप O नहीं है, उनमें दिल के दौरे का खतरा ज़्यादा होता है। इसमें भी ब्लड ग्रुप A और B वाले लोग सबसे अधिक रिस्क पर पाए गए।

क्या कहते हैं आंकड़े?

  • स्टडी के अनुसार, ब्लड ग्रुप A और B वालों को O ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में हार्ट अटैक होने का खतरा 8% तक अधिक होता है।
  • जब हार्ट फेलियर की बात आती है, तो A ब्लड ग्रुप वालों को O ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में इसका खतरा 11% ज़्यादा होता है।
  • वहीं, B ब्लड ग्रुप वालों को O ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में दिल का दौरा पड़ने का रिस्क 15% तक अधिक होता है।

क्यों A और B ब्लड ग्रुप वालों को होता है ज़्यादा रिस्क?

अब सवाल यह उठता है कि आखिर ब्लड ग्रुप का दिल की सेहत से ऐसा क्या लेना-देना है? इसका वैज्ञानिक कारण खून के थक्के (Blood Clots) जमने की प्रवृत्ति से जुड़ा है।

रिसर्च के अनुसार, A और B ब्लड ग्रुप वाले लोगों में O ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में खून का थक्का जमने की आशंका लगभग 44% अधिक होती है। जब शरीर में खून के थक्के अधिक बनते हैं, तो वे दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों को ब्लॉक कर सकते हैं। धमनियों में यही रुकावट हार्ट अटैक का मुख्य कारण बनती है।

इसका आपके लिए क्या मतलब है? ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। आज से ही हो जाएं सावधान

यह जानना ज़रूरी है कि ब्लड ग्रुप कई जोखिम कारकों में से सिर्फ एक है, जिसे आप बदल नहीं सकते। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अगर आपका ब्लड ग्रुप A या B है तो आपको हार्ट अटैक आएगा ही, या O ग्रुप वाले पूरी तरह सुरक्षित हैं।

सबसे महत्वपूर्ण आपकी जीवनशैली ही है, जिसे आप नियंत्रित कर सकते हैं। अपने ब्लड ग्रुप को एक चेतावनी संकेत के रूप में लें और आज से ही अपने दिल की सेहत को लेकर और भी ज़्यादा सतर्क हो जाएं।

  • संतुलित आहार लें: अपनी डाइट में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
  • नियमित व्यायाम करें: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करने का लक्ष्य रखें।
  • तनाव से दूर रहें: योग और ध्यान के माध्यम से तनाव को नियंत्रित करें।
  • नियमित जांच कराएं: ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहें।

स्वस्थ आदतें अपनाकर आप ब्लड ग्रुप से जुड़े किसी भी जेनेटिक जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं और एक लंबा व स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

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