आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में दिल से जुड़ी बीमारियाँ जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक आम होती जा रही हैं। इसके पीछे खराब खान-पान, बढ़ता प्रदूषण और तनावपूर्ण जीवनशैली को जिम्मेदार ठहराया जाता है।
हाल ही में एक महत्वपूर्ण अध्ययन ने एक नया पहलू सामने रखा है - आपका ब्लड ग्रुप। इस रिसर्च में यह पता चला है कि कुछ विशेष ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों में दिल के दौरे का खतरा अन्य की तुलना में अधिक होता है।
यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी द्वारा किए गए इस अध्ययन में लगभग चार लाख लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन का उद्देश्य ब्लड ग्रुप और हार्ट अटैक के बीच संबंध को समझना था। परिणाम चौंकाने वाले थे।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिनका ब्लड ग्रुप O नहीं है, उनमें दिल के दौरे का खतरा अधिक होता है। विशेष रूप से, ब्लड ग्रुप A और B वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में पाए गए।
स्टडी के अनुसार:
अब सवाल यह है कि ब्लड ग्रुप का दिल की सेहत से क्या संबंध है? इसका वैज्ञानिक कारण खून के थक्के जमने की प्रवृत्ति से जुड़ा है।
रिसर्च के अनुसार, A और B ब्लड ग्रुप वाले लोगों में O ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में खून का थक्का जमने की संभावना लगभग 44% अधिक होती है। जब शरीर में खून के थक्के अधिक बनते हैं, तो ये दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों को ब्लॉक कर सकते हैं, जो हार्ट अटैक का मुख्य कारण बनता है।
यह जानना महत्वपूर्ण है कि ब्लड ग्रुप केवल एक जोखिम कारक है, जिसे आप बदल नहीं सकते। इसका मतलब यह नहीं है कि यदि आपका ब्लड ग्रुप A या B है, तो आपको हार्ट अटैक होगा।
आपकी जीवनशैली सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे आप नियंत्रित कर सकते हैं। अपने ब्लड ग्रुप को एक चेतावनी संकेत के रूप में लें और अपने दिल की सेहत को लेकर सतर्क रहें।
स्वस्थ आदतें अपनाकर आप ब्लड ग्रुप से जुड़े किसी भी जेनेटिक जोखिम को कम कर सकते हैं और एक लंबा, स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।