असम में आपत्तिजनक इशारे पर सियासी तूफ़ान, कांग्रेस के 3 वरिष्ठ नेताओं पर FIR दर्ज करने के आदेश, जानिए पूरा मामला
Lifeberrys Hindi February 08, 2026 05:42 PM

असम में कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक इशारे के मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए हैं। असम कैबिनेट ने हाल ही में हुई एक रैली के दौरान महिलाओं के प्रति कथित अनुचित व्यवहार करने के आरोप में कांग्रेस के देबब्रत सैकिया, भूपेन कुमार बोरा और मीरा बोरठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश पुलिस को दिया है।

मुख्यमंत्री ने किया गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “यह इशारा असम की महिलाओं का सामूहिक अपमान है। मैंने उनकी भाव-भंगिमाएं देखीं, जो बेहद अनुचित और अस्वीकार्य थीं। कोई भी सामान्य नेता या सज्जन व्यक्ति किसी महिला के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करेगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कैबिनेट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को कांग्रेस नेताओं के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

पार्टी से निष्कासन की मांग

सीएम शर्मा ने पहले एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कांग्रेस को राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष बोरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता सैकिया को “महिलाओं के अपमान” के लिए पार्टी से निष्कासित कर देना चाहिए। वहीं, बोरठाकुर राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं और रैली में अन्य दो नेताओं के साथ मौजूद थीं।

आपत्तिजनक इशारा बस के ऊपर से

शर्मा ने दावा किया कि कुछ दिन पहले गुवाहाटी में कांग्रेस की राज्यव्यापी रैली के लिए इस्तेमाल हो रही बस के ऊपर से यह आपत्तिजनक इशारा किया गया। उन्होंने कहा कि यह इशारा सभी असमिया लड़कियों और महिलाओं के लिए किया गया था। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर पार्टी उन्हें (बोरा और सैकिया) निष्कासित नहीं करती, तो वे कहीं भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। यह मामला सभी महिलाओं का है, किसी विशेष समुदाय का नहीं।”

वीडियो क्लिप महिला आयोग को भेजने का आदेश


सीएम ने कहा कि उन्होंने इस घटना का वीडियो महिला आयोग को भेजने का निर्देश दिया है ताकि मामले पर उचित कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा, “मैं यह कल्पना भी नहीं कर सकता कि कोई विपक्षी नेता, यहां तक कि पूर्व पार्टी अध्यक्ष, इस तरह का अनुचित इशारा करे, जबकि मीरा बोरठाकुर उनके साथ थीं।”

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री ने स्थानीय मीडिया द्वारा घटना की रिपोर्ट न करने पर आश्चर्य व्यक्त किया और बताया कि उन्हें यह वीडियो नई दिल्ली के एक परिचित द्वारा भेजा गया था। शर्मा ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों के मामले को गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में “तीन प्रमुख व्यक्ति” शामिल हैं: एक सांसद, उनकी ब्रिटिश पत्नी और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख। मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर आरोप लगाए हैं।

मंत्रिमंडल ने और भी फैसले किए

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने शनिवार की बैठक में 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी, साथ ही विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के लिए भूमि आवंटन के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दिखाई।

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