Wireless Charging: आज के समय में स्मार्टफोन यूजर्स के बीच वायरलेस चार्जिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है. बिना केबल लगाए फोन चार्ज करना जितना सुविधाजनक लगता है उतना ही इसे लेकर लोगों के मन में डर भी है. कई लोग सोचते हैं कि वायरलेस चार्जिंग से फोन की बैटरी खराब हो जाती है या फोन जल्दी गर्म होने लगता है. लेकिन क्या वाकई ऐसा है? आइए, इसकी पूरी सच्चाई समझते हैं.
वायरलेस चार्जिंग दरअसल इंडक्टिव चार्जिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित होती है. इसमें चार्जिंग पैड और फोन के बीच इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनती है जिसके जरिए एनर्जी ट्रांसफर होती है. यानी बिजली सीधे केबल से नहीं, बल्कि मैग्नेटिक वेव्स के जरिए फोन की बैटरी तक पहुंचती है. यही वजह है कि इसमें तार लगाने की जरूरत नहीं पड़ती.
सीधी बात करें तो अच्छी क्वालिटी की वायरलेस चार्जिंग फोन की बैटरी को नुकसान नहीं पहुंचाती. आज के ज्यादातर स्मार्टफोन में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम काफी एडवांस होता है जो ओवरचार्जिंग और ज्यादा वोल्टेज से बैटरी को सुरक्षित रखता है. हालांकि, सस्ती या नकली वायरलेस चार्जर का इस्तेमाल करने से बैटरी की उम्र जरूर कम हो सकती है.
वायरलेस चार्जिंग के दौरान फोन का थोड़ा गर्म होना सामान्य बात है. क्योंकि इसमें एनर्जी ट्रांसफर के दौरान कुछ पावर हीट के रूप में निकल जाती है. लेकिन अगर फोन जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगे तो यह नुकसानदेह हो सकता है. ऐसा आमतौर पर तब होता है जब चार्जिंग पैड और फोन सही तरीके से अलाइन न हों या फिर चार्जर लो-क्वालिटी का हो.
वायरलेस चार्जिंग आमतौर पर वायर्ड चार्जिंग की तुलना में थोड़ी धीमी होती है. इसके अलावा, अगर आप चार्जिंग के दौरान फोन ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. यही वजह है कि लंबे समय तक सिर्फ वायरलेस चार्जिंग पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता.
अगर आप ब्रांडेड और सर्टिफाइड वायरलेस चार्जर का इस्तेमाल करते हैं, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है. बेहतर यही है कि रोजमर्रा में वायर्ड चार्जिंग का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर ही वायरलेस चार्जिंग अपनाएं. साथ ही, चार्जिंग के दौरान फोन को कवर से निकाल देना भी हीटिंग कम करने में मदद करता है.