अंबानी के हाथ लगा खजाना, रूस की जगह इस देश से करेगा कच्चे तेल की पूर्ति
TV9 Bharatvarsh February 14, 2026 12:43 AM

अमेरिका ने भारत की Reliance Industries को वेनेज़ुएला का कच्चा तेल सीधे खरीदने के लिए जनरल लाइसेंस जारी किया है. जानकारी के मुताबिक, इस लाइसेंस के तहत कंपनी अब अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन किए बिना वेनेज़ुएला से तेल आयात कर सकेगी. यह फैसला ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन ने वेनेज़ुएला के ऊर्जा क्षेत्र पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील देने के संकेत दिए हैं.

रूस के तेल का विकल्प बनेगा वेनेज़ुएला

जानकारों का कहना है कि रिलायंस के लिए यह कदम रणनीतिक रूप से अहम है. वेनेज़ुएला का भारी कच्चा तेल आमतौर पर छूट (डिस्काउंट) पर मिलता है, जिससे रिफाइनिंग लागत कम होती है. ऐसे में कंपनी रूस से होने वाली आपूर्ति का सस्ता विकल्प तलाश सकती है. बताया जा रहा है कि इस महीने की शुरुआत में रिलायंस ने ट्रेडर विटोल से 20 लाख बैरल वेनेज़ुएलाई तेल भी खरीदा था.

भारत-अमेरिका ऊर्जा रिश्तों को मजबूती

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ हटा दिया था और कहा था कि भारत अमेरिका से अधिक तेल खरीदेगा. ऐसे में यह लाइसेंस भारत-अमेरिका के ऊर्जा सहयोग को और मजबूत कर सकता है. माना जा रहा है कि भारतीय रिफाइनर अप्रैल डिलीवरी के लिए रूसी तेल खरीद से फिलहाल दूरी बना रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच संभावित व्यापार समझौते को भी बल मिल सकता है.

वेनेज़ुएला के निर्यात को भी मिलेगा सहारा

इस फैसले से वेनेज़ुएला के तेल निर्यात में तेजी आ सकती है. रिलायंस दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का संचालन करती है और उसकी दो रिफाइनरियों की कुल क्षमता करीब 14 लाख बैरल प्रतिदिन है. पहले भी कंपनी वेनेज़ुएला से नियमित रूप से तेल खरीदती थी, लेकिन 2025 में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण खरीद रोकनी पड़ी थी. अब नए लाइसेंस के साथ रिलायंस के लिए सस्ता कच्चा तेल हासिल करना आसान होगा, जिससे उसे लागत घटाने और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

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