राजस्थान की राजधानी जयपुर से एआई कैमरों की बड़ी उपलब्धि सामने आई है. दरअसल, जयपुर के मानसरोवर के शिप्रापथ इलाके में शुक्रवार से शिव महापुराण कथा की शुरुआत हुई है. कथा के दौरान कुछ बदमाश चेन स्नेचिंग और मोबाइल चोरी करने की नियत से कथा स्थल पहुंचे, लेकिन पुलिस के एआई कैमरों की नजर से बच नही पाए. कथा स्थल पर बनाए गए पुलिस कंट्रोल रूम से निर्देश मिलने पर कथा में तैनात पुलिसकर्मियों ने एक साथ गिरोह के 14 लोगों को गिरफ्तार किया.
जानकारी के अनुसार, शिप्रापथ इलाके में शुक्रवार से शुरू हुई शिव महापुराण कथा 2 मार्च तक चलेगी. इस दौरान 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद को देखते ही सभी तरह की तैयारियां की गई हैं. सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है, जिन्होंने एक बड़े खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह बड़े-बड़े धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में पहुंचकर लोगों के मोबाइल और चैन स्नेचिंग कर फरार हो जाता है.
AI कैमरों से लैश सभा स्थलडीसीपी साउथ राज ऋषि राज ने बताया कि कथा स्थल पर 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए एआई तकनीक से लैस कैमरे पूरे सभा स्थल में लगाए गए हैं. वहीं, सभास्थल पर निगरानी रखने के लिए हाईटेक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. कथा के दौरान कंट्रोल रूम में बैठी टीम ने भीड़ में धक्का-मुक्की कर रहे संदिग्ध लोगों को चिन्हित किया.
संदिग्ध लोगों की AI से हुई पहचानइसी दौरान संदिग्धों के चेहरे का पुलिस के डेटा से मिलान करते हुए एआई कैमरों ने अपराधी होने की पुष्टि की तो उसके बाद कंट्रोल रूम ने कथा स्थल में तैनात पुलिस टीम को निर्देशित किया और घेराबंदी कर सभी आरोपियों को दबोच लिया. गिरफ्तार सभी बदमाश भरतपुर और हनुमानगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो की भीड़भाड़ वाली जगह पर जाकर चेन स्नेचिंग और मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं.
11 महिलाएं अरेस्टपुलिस ने एक गैंग के कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 11 महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं. डीसीपी साउथ राजऋषि राज ने बताया कि कथा 26 मार्च तक चलेगी. इसमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है.