सीजफायर हुआ तो होर्मुज स्ट्रेट में सेना भेज सकता है जापान, निभाएगा ये भूमिका
TV9 Bharatvarsh March 22, 2026 08:43 PM

जापान ने कहा है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग में सीजफायर हो जाता है, तो वह होर्मुज स्ट्रेट में समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगें हटाने के लिए अपनी सेना भेजने पर विचार कर सकता है जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि यह अभी सिर्फ एक संभावना है. अगर पूरी तरह युद्धविराम हो जाता है और समुद्र में लगी माइंस जहाजों के रास्ते में रुकावट बनती हैं, तब ही जापान ऐसा कदम उठाएगा.

जापान के संविधान के कारण उसकी सेना पर कई पाबंदियां हैं. दूसरे विश्व युद्ध के बाद बने कानून के तहत जापान सीधे युद्ध में हिस्सा नहीं ले सकता. हालांकि 2015 के सुरक्षा कानून के बाद उसे यह छूट मिली है कि अगर उसके किसी करीबी सहयोगी पर हमला होता है और उससे उसकी सुरक्षा को खतरा होता है, तो वह अपनी सेल्फ-डिफेंस फोर्स को विदेश में भेज सकता है.

होर्मुज से जापानी जहाजों को सुरक्षित रास्ता

मोटेगी ने यह भी साफ किया कि अभी जापान की कोई योजना नहीं है कि वह अपने जहाजों के लिए अलग से सुरक्षित रास्ता बनाए. उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी है कि ऐसी स्थिति बने, जिससे सभी देशों के जहाज इस अहम समुद्री रास्ते से सुरक्षित गुजर सकें.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी जापान से बात की है. उन्होंने कहा कि जापान से जुड़े जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है. दरअसल, जापान अपनी करीब 90% तेल जरूरत इसी रास्ते से पूरी करता है. लेकिन जंग के कारण ईरान ने इस रास्ते को काफी हद तक बंद कर दिया है, जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं.

ट्रंप और ताकाइची की मुलाकात

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने 2 दिन पहले व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी, इस दौरान उनसे ज्यादा सहयोग देने को कहा. ताकाइची ने जवाब में कहा कि जापान अपने कानूनों के दायरे में रहकर ही मदद कर सकता है. जापान अभी सीधे जंग में शामिल नहीं होना चाहता, लेकिन अगर सीजफायर होता है तो वह सीमित भूमिका निभाने पर विचार कर सकता है.

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