इन दिनों में Vibe Coding बहुत ही चर्चा में है, हर कोई इसे लेकर बात कर रहा है लेकिन क्या आप इस बारे में जानते हैं कि आखिर ये क्या है? कई बड़ी टेक कंपनियों के CEO और एग्जीक्यूटिव इस पर अपनी राय रख रहे हैं. हम आज आप लोगों को समझाएंगे कि वाइब कोडिंग क्या है और इसे लेकर Google CEO Sundar Pichai और Zoho Founder Sridhar Vembu ने भी अपनी राय रखी है.
Vibe Coding क्या है?वाइब कोडिंग एक लेटेस्ट टेक लैंग्वेज है और यह AI का इस्तेमाल कर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के तरीके को बताता है. बस आपको नेचुरल लैंग्वेज में बताना होता है कि आप क्या चाहते हैं. वाइब कोडिंग में बड़े लैंग्वेज मॉडल (LLM) का इस्तेमाल कर सॉफ्टवेयर क्रिएट करने के लिए कोड जेनरेट किया जाता है.
यह सभी के लिए कोडिंग को आसान बनाता है क्योंकि वाइब कोडिंग Python या JavaScript जैसी मुश्किल भाषाएं सीखने की जरूरत को खत्म कर देता है. इसके बजाय, यूजर को बस AI को इतना बताना होता है कि वह क्या चाहते हैं और यह जरूरत के हिसाब से ऐप्लीकेशन बनाकर तैयार कर देता है.
वाइब कोडिंग को लाने का मकसद ये है कि AI का इस्तेमाल कर तेजी से एप्लिकेशन और नए फ़ीचर को तैयार किया जा सके. वाइब कोडिंग का इस्तेमाल करते वक्त यूजर को AI को सही प्रॉम्प्ट देना होता है ताकि वह सही तरह से फीचर या एप्लिकेशन को बना सके.
किसने ईजाद किया ये शब्द?फरवरी 2025 में OpenAI के को-फ़ाउंडर Andrej Karpathy ने वाइब कोडिंग शब्द दिया था. X पर एक पोस्ट लिखते हुए कारपैथी ने बताया कि वाइब कोडिंग शानदार LLMs की वजह से चलन में आ रहा है. उन्होंने लिखा, एक नई तरह की कोडिंग है जिसे मैं वाइब कोडिंग कहता हूं, जिसमें आप एक्सपोनेंशियल्स को अपनाते हैं और भूल जाते हैं कि कोड भी है. यह इसलिए मुमकिन है क्योंकि LLMs (जैसे कर्सर कंपोजर w सॉनेट) बहुत अच्छे हो रहे हैं. तब से वाइब कोडिंग तेजी से एक खास कॉन्सेप्ट के साथ मेनस्ट्रीम ट्रेंड बन गया है. Copilot, Codeium, Cursor, CodeWhisperer, Qodo और Replit जैसे टूल्स LLM वाइब कोडिंग ऑप्शन देते हैं.
Sundar Pichai ने वाइब कोडिंग के बारे में क्या कहा?गूगल CEO सुंदर पिचाई ने भी वाइब कोडिंग पर बात की है, यह शब्द सिलिकॉन वैली में छाया हुआ है. हाल ही में लोगन किलपैट्रिक के साथ गूगल फॉर डेवलपर्स पॉडकास्ट पर एक इंटरव्यू में, उन्होंने वाइब कोडिंग पर अपनी राय शेयर की. सुंदर पिचाई ने कहा, इससे कोडिंग बहुत मजेदार हो रही है. चीजें अब ज्यादा आसान हो रही है, यह फिर से रोमांचक हो रही है और सबसे अच्छी बात यह है कि यह और भी बेहतर होने वाला है.
वाइब कोडिंग पर श्रीधर वेम्बू का नजरियावाइब कोडिंग टेक और AI स्पेस में सबसे नया ट्रेंड है, लेकिन हर कोई इससे सहमत नहीं है. जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने कहा कि वाइब कोडिंग असल में एक बहुत ज्यादा लेयर वाले कॉन्सेप्ट को बहुत आसान बना देती है. उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, सारा कोड तब तक मैजिक होता है जब तक कंपाइलर उसे कोड के दूसरे रूप में नहीं बदल देता और वह कोड तब तक मैजिक होता है जब तक वह पूरी तरह से मैजिक न हो जाए. वाइब कोडिंग एक ऐसी दुनिया की झलक है जहां इंसान AI के साथ मिलकर मैनुअल प्रोग्रामिंग की जगह ले लेगा.
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