इराक सरकार ने पुष्टि की है कि एक विदेशी महिला पत्रकार का अपहरण कर लिया गया है, जिसके बाद पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. घटना के बाद से ही अपहरणकर्ताओं की तलाश और पत्रकार की सुरक्षित रिहाई के लिए लगातार कोशिश की जा रही है.
अधिकारियों के मुताबिक इराक के बगदाद में एक अमेरिकी पत्रकार का मंगलवार को अपहरण कर लिया गया. इराक के गृह मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि सुरक्षा बलों ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर अपहरणकर्ताओं का पता लगाने के लिए अभियान शुरू किया है. पत्रकार के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई है. बयान में कहा गया है कि एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है और अपहरण में इस्तेमाल किए गए वाहनों में से एक को जब्त कर लिया गया है, लेकिन अन्य अभी भी फरार हैं.
एक आरोपी को गिरफ्तारइराक के गृह मंत्रालय के मुताबिक सुरक्षा बलों ने अपहरणकर्ताओं का तेजी से पीछा किया. इस दौरान संदिग्धों की गाड़ी को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन भागने के प्रयास में वाहन पलट गया. इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि इस्तेमाल की गई गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और पत्रकार को सुरक्षित छुड़ाने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं.
पत्रकार की पहचानहालांकि इराकी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर पत्रकार की पहचान उजागर नहीं की है, लेकिन अटलांटिक काउंसिल (Atlantic Council) से जुड़े और पेंटागन के पूर्व अधिकारी एलेक्स प्लिट्सस (Alex Plitsas) ने पीड़ित की पहचान अमेरिकी नागरिक शेली किटल्सन के रूप में की. सोशल मीडिया पर प्लिट्सस ने बताया कि किटल्सन लंबे समय से इराक और सीरिया में रिपोर्टिंग कर रही हैं और बेहद शांत स्वभाव की हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी को उनकी लोकेशन या स्थिति के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित करें.
खतीब हिजबुल्लाह पर शकप्लिटसास ने शक जताया है कि इस अपहरण के पीछे खतीब हिजबुल्लाह (Kataib Hezbollah) का हाथ हो सकता है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मैं पुष्टि कर सकता हूं कि मेरी दोस्त शेली किटल्सन का अपहरण कर लिया गया है और संभवतः बगदाद में खतीब हिजबुल्लाह द्वारा उसे बंधक बना लिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि ‘उसकी हालत और स्थिति अज्ञात है’.
विदेशी नागरिकों के अपहरण में रहा शामिलखतीब हिजबुल्लाह (Kataib Hezbollah) संगठन ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (Islamic Revolutionary Guard Corps) से जुड़ा है. यह समूह पहले भी विदेशी नागरिकों के अपहरण में शामिल रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार इस समूह ने पहले इजराइली-रूसी शिक्षाविद एलिजाबेथ त्सुरकोव को दो साल से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा था. त्सुरकोव को अमेरिकी हस्तक्षेप के माध्यम से मुक्त कराया गया था.
खतीब हिजबुल्लाह को अमेरिका विरोधी विचारधारा के लिए जाना जाता है, जिसका साफ मकसद अमेरिकी सेना को इराक से खदेड़ना है. इसे इराक सरकार से आंशिक वित्तीय सहायता भी मिलती है. ऐसे में लापता पत्रकार की खोज के चल रहे प्रयासों में जटिलता उत्पन्न हो रही है. हालांकि इराक सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पत्रकार की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी.