Rajasthan Hailstorm: रेगिस्तान बना 'कश्मीर', 20 मिनट की ओलावृष्टि ने बदला मंजर, बिछ गई सफेद चादर
TV9 Bharatvarsh April 04, 2026 12:43 AM

Jaisalmer News: शुक्रवार देर शाम राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट बदल ली. प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली. ओलावृष्टि का असर ऐसा रहा कि रेगिस्तान में ‘कश्मीर’ जैसा नजारा देखने को मिला. पूरे रेगिस्तान में सफेद चादर बिछ गई. सोशल मीडिया पर इसके फोटो वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं. श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर और बीकानेर सहित कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने से खेतों में खड़ी और कटी फसलों को नुकसान पहुंचा. वहीं सीकर, नागौर और जयपुर में भी हल्की-फुल्की बारिश हुई.

जैसलमेर जिले में करीब 20 मिनट तक ओले गिरने के बाद रेगिस्तान में बर्फ की चादर बिछ गई. वहीं जीरा और इसबगोल की फसलों के नुकसान की भी आशंका जताई जा रही. जिले में शुक्रवार शाम करीब 4 बजे अचानक मौसम बदल गया और काले घने बादल छा गए. इसके बाद तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि का दौर शुरू हुआ.

जीरा और इसबगोल की फसल को नुकसान

नाचना क्षेत्र में खेतों और सड़कों पर ओले गिरने से बर्फ की मोटी परत जम गई. इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को काफी नुकसान हुआ. नाचना और आसपास के क्षेत्रों में नकदी फसलें जैसे- जीरा और इसबगोल की फसल को नुकसान होने की आशंका है. जीरा की फसल में ओलों की मार से दाने झड़ गए.

वहीं नमी और ओलों से इसबगोल की फसल को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है. किसानों का कहना है कि फसल की कटाई होने वाली थी, जबकि कुछ किसानों ने फसल काटकर खेतों में रखी थी, लेकिन अचानक आई प्राकृतिक आपदा ने सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया.

जैसलमेर में ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने जैसलमेर सहित कई इलाकों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले समय में तेज आंधी और मेघगर्जना के साथ ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है. प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.

वहीं बीकानेर जिले के लूणकरणसर, अरजनसर, महाजन, बज्जू और आसपास के गांवों के लिए ये बारिश और ओले किसी आपदा से कम नहीं रहे. कुछ देर पहले तक जहां खेतों में लहलहाती फसलें किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला रही थीं, वहीं अचानक बदले मौसम ने सब कुछ छीन लिया. काली घटाएं छाईं, तेज हवाएं चलीं और फिर शुरू हुई ओलों की ऐसी बारिश, जिसने महज 20 मिनट में पूरा मंजर बदल दिया.

चारों तरफ सफेद चादर बिछ गई

ओलों की मार इतनी जबरदस्त थी कि खेतों में खड़ी फसलें मानों किसी ने रौंद दी हों. चारों तरफ सफेद चादर बिछ गई, लेकिन यह सुंदर नजारा किसानों के लिए किसी मातम से कम नहीं था. जीरा, इसबगोल, सरसों और चने की फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं, जबकि गेहूं की फसल जमीन पर बिछकर बर्बादी की कहानी कह रही है.

श्रीगंगानगर में भी हुई ओलावृष्टि

श्रीगंगानगर जिले के अर्जुनसर और राजियासर के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और कुछ ही देर में तेज ओलावृष्टि होने लगी. ओले इतनी बड़ी मात्रा में गिरे कि खेतों और सड़कों पर सफेद परत सी बिछ गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय बाद इतनी तेज ओलावृष्टि देखने को मिली है. इस अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि गेहूं और अन्य फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है.

राजसमंद में तेज हवाओं के साथ गिरे ओले

राजसमंद जिले में भी बारिश और ओलावृष्टि हुई. करीब आधे घंटे तक चले इस दौर में कई जगह बेर के आकार के ओले गिरे. तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और टीन शेड गिरने की भी घटनाएं सामने आईं. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में आगामी दिनों में भी आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है.

(रिपोर्ट- कामेंदु जोशी/कोटा)

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