प्रेम की परिभाषा हर किसी के लिए भिन्न होती है। यह विभिन्न रूपों में प्रकट होता है, जैसे माता-पिता, बच्चों, और यहां तक कि धन के प्रति प्रेम। लेकिन जब बात एक लड़के और लड़की के बीच के प्रेम की आती है, तो यह सबसे अधिक चर्चा में रहता है। भारत में, कई परिवारों में लव मैरिज को स्वीकार नहीं किया जाता, और इसे सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए खतरा माना जाता है।
मिडिल क्लास परिवारों के लिए लव मैरिज को स्वीकार करना कठिन होता है, और जब उनकी बेटी किसी लड़की से प्रेम करने लगे, तो यह और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हाल के दिनों में, लड़कियों के बीच प्रेम और विवाह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो भारतीय समाज में एक नई सोच का संकेत देती हैं।
हरियाणा के गुरुग्राम और झज्जर की दो लड़कियों ने हाल ही में एक मंदिर में शादी कर अपने परिवारों को चौंका दिया। ये दोनों लड़कियाँ पिछले सात वर्षों से दोस्त थीं, और उनकी दोस्ती ने प्रेम का रूप ले लिया। जब उन्होंने अपने परिवारों को अपने प्रेम के बारे में बताया, तो उन्हें इसे भुलाने के लिए कहा गया। इसके बाद, उन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कर ली।
इस शादी में एक लड़की पत्नी बनी और दूसरी पति। पटौदी की लड़की कुछ दिन पहले घर से लापता हो गई थी, जिसके बाद उसके पिता ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जब पुलिस ने उसे खोज निकाला, तो उसने अपनी दोस्त से शादी करने की बात बताई। दोनों लड़कियाँ एक ही स्कूल में पढ़ती थीं और उनके परिवारों ने इस शादी को समाज के खिलाफ बताया।
पुलिस चौकी प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि दोनों लड़कियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां उन्होंने अपनी शादी की पुष्टि की। परिवार वालों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने एक साथ रहने का निर्णय लिया।