Parshuram Jayanti 2026: 19 या 20 अप्रैल कब है परशुराम जयंती? जानें सही डेट, पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व
TV9 Bharatvarsh April 10, 2026 04:43 PM

Parshuram Jayanti 2026: भगवान परशुराम जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु के छठवें अवतार हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन भगवान परशुराम का अवतार हुआ था. यही कारण है कि हर साल वैशख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को परशुराम भगवान की जयंती मनाई जाती है. इस दिन अक्षय तृतीया का पावन पर्व भी मनाया जाता है.

परशुराम जयंती के दिन भगवान परशुराम की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. हालांकि, इस साल लोगों के मन में परशुराम जयंती मनाने को लेकर संशय बना हुआ है. कुछ लोग इस साल परशुराम जयंती 19 अप्रैल को मनाने की बात कर रहे हैं, तो कुछ 20 अप्रैल को. ऐसे में आइए जानते हैं आखिर परशुराम जयंती की सही तारीख क्या है? साथ ही जानते हैं इसका पूजन मुहूर्त, विधि और महत्व.

परशुराम जयंती कब है? | Parshuram Jayanti 2026 Kab Hai
  • द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी.
  • इस तिथि का समापन 20 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर होगा.

भगवान परशुराम का जन्म संध्या काल यानी प्रदोष काल में हुआ था. इस साल 19 अप्रैल को परशुराम जयंती मनाई जाएगी.

परशुराम जयंती पूजा शुभ मुहूर्त | Parshuram Jayanti 2026 Puja Shubh Muhurat)

द्रिक पंचांग के अनुसार, परशुराम जयंती पर पूजन का समय 19 अप्रैल को शाम 6 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 12 मिनट तक रहने वाला है. इस समय आप भगवान परशुराम का पूजन कर सकते हैं.

परशुराम जयंती की पूजा विधि | Parshuram Jayanti Puja Vidhi
  • परशुराम जयंती के दिन प्रात: काल स्नान करके साफ व्रत पहनें.
  • भगवान परशुराम का ध्यान करते हुए व्रत और पूजा का संकल्प लें. इस दिन व्रत रखने की परंपरा है.
  • घर के मंदिर में या साफ स्थान पर परशुराम जी की मूर्ति या चित्र रखें.
  • दीप जलाकर पूजा आरंभ करें.
  • परशुराम जी के मंत्रों का जाप करें और आचमन, स्नान, वस्त्र, गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि अर्पण करें.
  • फल, मिठाई या नारियल का भोग लगाएं.
  • दीपक जलाकर आरती करें.
  • अंत में अपनी मनोकामनाओं के लिए भगवान से प्रार्थना करें.
परशुराम जयंती का महत्व | Parshuram Jayanti Significance

भगवान परशुराम ने पृथ्वी को अत्याचारी शासकों से मुक्त कराने के लिए जन्म लिया था. परशुराम ब्राह्मण होते हुए भी क्षत्रिय गुणों से युक्त थे. उनकी पूजा से ज्ञान, शक्ति और न्याय की प्रेरणा मिलती है. मान्यता है कि भगवान परशुराम आज भी पृथ्वी पर तप कर रहे हैं. इस दिन किए गए दान और शुभ कार्यों से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है.

ये भी पढ़ें: Mercury Transit Career And Finance Boost for Lucky Zodiacs: बुध के मीन राशि में गोचर से इन 4 राशि वालों की पलटेगी किस्मत, मिलेगी बड़ी सफलता!

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.