Ekadashi Fasting Rules: इस साल वरुथिनी एकादशी का पावन व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा. वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी की तिथि सुबह 01:16 बजे शुरू होगी और 14 अप्रैल को रात 01:08 बजे समाप्त होगी. लोगों में इस दिन को लेकर बहुत गहरी श्रद्धा होती है क्योंकि यह माना जाता है कि जो भी व्यक्ति पूरी निष्ठा से यह व्रत रखता है, उसके जीवन के पुराने कष्ट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन भगवान विष्णु के ‘वराह’ रूप को याद किया जाता है, जो हमें हर तरह की मुश्किलों से बाहर निकालने का रास्ता दिखाते हैं. यह पर्व हमें खुद को शांत रखने और दूसरों के प्रति दया भाव रखने की प्रेरणा देता है.
वरुथिनी एकादशी पर किए जाने वाले शुभ कार्यवरुथिनी एकादशी का व्रत नियम और निष्ठा के साथ किया जाए तो यह जीवन में सुख और शांति लेकर आता है. यहां कुछ आसान बातें दी गई हैं जिनका पालन करना इस दिन बहुत शुभ माना जाता है.
एकादशी के व्रत में भोजन का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे और मन शांत रहे. इस दिन अनाज और दालों का पूरी तरह त्याग किया जाता है, इसलिए कुट्टू, सिंघाड़ा या सामा के चावल का उपयोग करना सबसे अच्छा रहता है. भोजन तैयार करते समय साधारण नमक की जगह हमेशा सेंधा नमक का ही प्रयोग करें. खुद को तरोताजा रखने के लिए ताजे फल, दूध और सूखे मेवे लेना बहुत फायदेमंद होता है. मखाने की खीर या उबले हुए आलू भी एक बेहतरीन विकल्प हैं जो आपको दिनभर हल्का महसूस कराते हैं. याद रखें कि व्रत का असली अर्थ शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि उसे शुद्ध और सात्विक बनाना है. सही फलाहार से हमारी सेहत भी बनी रहती है और भक्ति में मन भी अधिक लगता है.
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