होर्मुज से 90 प्रतिशत फंसा माल निकला…बोले मंत्री सोनोवाल- भारत का समुद्री क्षेत्र मजबूत
TV9 Bharatvarsh April 11, 2026 10:42 AM

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री (MoPSW) सरबानंद सोनोवाल ने मिडिल ईस्ट के बदलते हालात पर अपने मंत्रालय में महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में जहाजरानी मंत्रालय से जुडे आला अधिकारी मौजूद थे. अधिकारियों और बंदरगाह प्राधिकरणों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति ने शुरुआत में कार्गो आवाजाही और जहाज यातायात को बाधित किया था, लेकिन सक्रिय उपायों ने व्यापार पर न्यूनतम प्रभाव के साथ बंदरगाह संचालन को तेजी से सुनिश्चित किया.

बंदरगाह संचालन की समीक्षा

सर्वानंद सोनेवाल ने कहा कि हमने उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए तेजी से और समन्वित तरीके से काम किया. समीक्षा बैठक में कहा कि बंदरगाह संचालन की समीक्षा में यह पाया गया कि समय पर हस्तक्षेप से होर्मुज स्ट्रेट में व्यवधान के बीच 90% कार्गो बैकलॉग साफ हुआ.

उन्होंने कहा कि मंत्रालय के समय पर हस्तक्षेप और निरंतर निगरानी के कारण प्रमुख बंदरगाहों पर लगभग 90% लंबित कार्गो को साफ कर दिया गया है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट में भू-राजनीतिक व्यवधानों से प्रभावित संचालन में सामान्य स्थिति बहाल हो गई है.

मुनाफाखोरी पर नजर

सर्वानंद सोनेवाल ने इन सबके बीच अधिकारियों को दिशानिर्देश दिया कि व्यापार में न्यूनतम व्यवधान हो और बदलते परिस्थितियों के मद्देनजर इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि किसी भी तरह की मुनाफाखोरी कोई कर नहीं पाए. इसके साथ ही हितधारकों को राहत देने का निर्देश दिया गया.

मोदी सरकार की प्राथमिकता

सोनोवाल ने इस बात पर जोर दिया कि मोदी सरकार की प्राथमिकता न केवल परिचालन की निरंतरता है, बल्कि निर्यातकों, आयातकों और लॉजिस्टिक्स से जुड़े हितधारकों के हितों की रक्षा करना भी है. केंद्रीय मंत्री ने सभी बंदरगाह प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि मंत्रालय द्वारा घोषित वित्तीय राहत उपायों, जिनमें भूमि किराया माफी और रेफ्रिजरेटर शुल्क में छूट शामिल हैं. इनको बिना किसी देरी या प्रक्रियात्मक बाधाओं के सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए.

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