मार्च 2026 में गोल्ड ETF में निवेश की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है. भारत में म्यूचुअल फंड संघ के आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड ETF में निवेश 57% गिरकर ₹2,265 करोड़ रह गया, जो फरवरी में ₹5,254 करोड़ था. वहीं सिल्वर ETF से लगातार दूसरे महीने भी पैसे निकलते रहे, जिससे इस सेगमेंट पर दबाव बना हुआ है.
सिल्वर ETF में जारी है आउटफ्लोAMFI के अनुसार, मार्च में सिल्वर ETF से ₹683 करोड़ की निकासी हुई, जबकि फरवरी में ₹826 करोड़ का आउटफ्लो दर्ज किया गया था. यह लगातार दूसरा महीना है जब निवेशक सिल्वर ETF से पैसा निकाल रहे हैं, जो बाजार में कमजोर भरोसे को दिखाता है.
कमोडिटी ETF का प्रदर्शन रहा खराबमार्च में कमोडिटी आधारित ETF का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा. कुल 43 कमोडिटी ETF में से सभी ने नेगेटिव रिटर्न दिया. UTI Silver ETF सबसे ज्यादा गिरा और इसमें करीब 14.72% की गिरावट आई.
इसके अलावा DSP Silver ETF, Aditya Birla SL Silver ETF, Zerodha Silver ETF और HDFC Silver ETF में भी करीब 13% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई. वहीं गोल्ड ETF भी पीछे नहीं रहे—25 गोल्ड ETF में 7% से 9.5% तक की गिरावट देखने को मिली.
निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी बनीMorningstar के सीनियर एनालिस्ट नेहल मेश्राम के मुताबिक, मार्च में गोल्ड ETF में नेट इनफ्लो जारी रहा, लेकिन इसकी रफ्तार पहले के मुकाबले धीमी हो गई है. उन्होंने कहा कि साल की शुरुआत में तेज निवेश के बाद अब स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन सोने में निवेशकों की रुचि अभी भी बनी हुई है.
वैश्विक कारणों से बढ़ा दबावमार्च के दौरान वैश्विक बाजारों में कई बदलाव देखने को मिले. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर Jerome Powell ने संकेत दिया कि महंगाई के दबाव के चलते ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं. इससे डॉलर मजबूत हुआ और सोना-चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ गया. नतीजतन, मार्च के मध्य में सोने की कीमत एक हफ्ते में 10% से ज्यादा गिर गई, जबकि चांदी में 15% तक की तेज गिरावट आई.
AUM में भी आई गिरावटगोल्ड और सिल्वर ETF के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी गिरावट देखी गई. गोल्ड ETF का AUM करीब 6% घटकर ₹1.71 लाख करोड़ रह गया, जबकि सिल्वर ETF का AUM 13% गिरकर ₹79,805 करोड़ हो गया.
निवेशकों के लिए क्या सलाह?Tata Mutual Fund के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं, लेकिन लंबी अवधि में इसमें तेजी की संभावना बनी हुई है. निवेशकों को सलाह दी गई है कि गिरावट के समय धीरे-धीरे निवेश बढ़ाएं. वहीं चांदी में निवेश करते समय सावधानी बरतें और किस्तों में निवेश करें, क्योंकि इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है. कुल मिलाकर, मार्च में कमोडिटी ETF के लिए चुनौतीपूर्ण समय रहा, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अभी भी अवसर बने हुए हैं.